Ranchi: रांची के धुर्वा स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में बीते 24 जून को झारखंड प्रीमियर लीग 2026 (Jharkhand Premier League) के फाइनल मैच के दौरान हुई भगदड़ और तोड़फोड़ के मामले में आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मामले की प्रारंभिक जांच (सनहा संख्या 31/26) पूरी होने के बाद धुर्वा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर हीरालाल साह के लिखित आवेदन पर 100 से 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर गेट तोड़ने और अशांति फैलाने वाले चेहरों की पहचान करने में जुट गई है.
फ्री पास और मुफ्त एंट्री के कारण बेकाबू हुई थी भीड़
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 24 जून 2026 की शाम JSCA स्टेडियम में JPL का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था. जांच के क्रम में सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई, कि JSCA प्रबंधन द्वारा फाइनल मैच के लिए बहुत बड़ी संख्या में ‘फ्री पास’ बांटे गए थे. इसके साथ ही आम जनता के लिए भी स्टेडियम में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क (Free) रखा गया था. इसके कारण मैच देखने के लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा लोग अचानक स्टेडियम पहुंच गए और देखते ही देखते भीतर और बाहर भारी भीड़ जमा हो गई.

स्टेडियम हाउसफुल होने पर बंद करना पड़ा गेट, उपद्रवियों ने मचाया उत्पात
मैच के दौरान JSCA के अधिकारी और कर्मी प्रवेश द्वार पर दर्शकों की जांच कर उन्हें धीरे-धीरे अंदर भेज रहे थे, जिससे गेट पर कतार लंबी होती गई. जब स्टेडियम के अंदर दर्शकों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई, तो प्रबंधन ने मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया. इसके बाद प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया कि स्टेडियम पूरी तरह भर चुका है और अब अन्य लोगों को अंदर नहीं लिया जा सकता. गेट बंद होने के बावजूद बाहर खड़ी भीड़ वहां से हटने को तैयार नहीं थी. इसी बीच मौका पाकर कुछ उपद्रवियों ने मुख्य प्रवेश द्वार को धक्का देकर तोड़ना शुरू कर दिया. कुछ लोग गेट के ऊपर चढ़कर जबरदस्ती अंदर घुसने का प्रयास करने लगे.
मच गई भगदड़, कई लोग हुए जख्मी; पुलिस ने संभाला मोर्चा
भीड़ द्वारा लगातार पीछे से धक्का दिए जाने के कारण प्रवेश द्वार के पास अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. इस आपाधापी में कई दर्शक नीचे गिर गए और चोटिल हो गए. स्थिति बिगड़ती देख तत्काल पुलिस लाइंस से अतिरिक्त बल और पुलिस पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया गया. रात करीब 08:00 बजे अतिरिक्त पुलिस बल ने स्टेडियम पहुंचकर मोर्चा संभाला और लाठी चटकाकर भीड़ को नियंत्रित किया. इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए सभी घायल लोगों को एम्बुलेंस की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया.


