New Delhi/Ranchi: झारखंड अब विकास की नई इबारत लिखने की ओर अग्रसर है. माइंस से माइंड्स की ओर बढ़ते राज्य के संकल्प को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान एक नई और सशक्त दिशा मिली. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने औद्योगिक घरानों और दिग्गजों के साथ जो संवाद स्थापित किया, वह झारखंड में निवेश, नवाचार और रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हुआ है. इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ा वह लेटर ऑफ इंटेंट रहा, जिसके माध्यम से राज्य में लगभग 70,000 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
टेक्सटाइल हब बनेगा झारखंड
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में आयोजित इन बैठकों को बेहद उत्साहजनक बताया. टेक्सटाइल उद्योग के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य में निवेश और रोजगार के प्रति दिखाई गई तत्परता राज्य के बदलते औद्योगिक परिवेश का प्रमाण है. 70,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलना न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही सम्मानजनक करियर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा.

नीतिगत सुधार से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प मात्र निवेश लाना नहीं, बल्कि एक ऐसा पारदर्शी और सुगम औद्योगिक वातावरण बनाना है, जहां नीतिगत सुधारों को प्राथमिकता दी जाए. सरकार का उद्देश्य झारखंड को निवेश, उद्योग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाना है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नीतिगत सरलीकरण पर केंद्रित यह सोच उन कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है, जो अब तक राज्य में निवेश के लिए विचार कर रही थीं.
ऊर्जा से लेकर पर्यटन तक का खाका
• ऊर्जा और आधारभूत संरचना: CII के साथ हुई बैठक में ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी. इसमें नवीकरणीय ऊर्जा , ट्रांसमिशन और ऊर्जा अवसंरचना में साझेदारी पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जो राज्य को पावर-सरप्लस और आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होगा.
• पर्यटन और स्पोर्ट्स टूरिज्म: फिक्की के साथ हुई चर्चा में पर्यटन को राज्य के विकास का मुख्य इंजन बनाने पर जोर दिया गया. स्पोर्ट्स टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्यटन आधारित स्किलिंग के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने का खाका तैयार किया गया है.
• साइकिल उद्योग का उदय: हीरो साइकिल और एवन साइकिल जैसे प्रमुख औद्योगिक घरानों के साथ हुई सकारात्मक बातचीत राज्य में साइकिल निर्माण के बड़े हब के रूप में झारखंड को स्थापित करने का संकेत है.
• ग्लोबल ब्रांड्स के साथ सहयोग: कोका-कोला और इज-माय-ट्रिप जैसे बड़े कॉरपोरेट नामों के साथ निवेश और सहयोग पर विचार-विमर्श यह दर्शाता है कि दुनिया की अग्रणी कंपनियां अब झारखंड की संभावनाओं को भांप रही हैं.
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