Bermo: बेरमो कोयला क्षेत्र के सीसीएल बोकारो-करगली एरिया अंतर्गत बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के कारो स्पेशल फेज-दो परियोजना स्थित बड़वाबेड़ा गांव में पुनर्वास के लिए चिह्नित जमीन पर गुरुवार को विस्थापितों और रैयतों ने ट्रैक्टर चलाकर जुताई कर दी. गोविंदपुर, राजा बाजार, नई बस्ती एवं बाजारटांड़ के रैयत व विस्थापितों ने विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले और समिति के सचिव डॉ. दशरथ महतो के नेतृत्व में यह कदम उठाया. ग्रामीणों ने इस जमीन पर राहर और मकई की फसल लगाने का निर्णय लिया है. दरअसल, सीसीएल प्रबंधन द्वारा इस परियोजना की जमीन की घेराबंदी और प्लॉटिंग कर बड़वाबेड़ा गांव के ग्रामीणों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई थी. लेकिन योजना को मूर्त रूप दिए जाने से पहले ही विस्थापित संघर्ष समिति ने विरोध का बिगुल फूंक दिया. ग्रामीणों एवं रैयतों का कहना है कि सीसीएल प्रबंधन ने इस जमीन के एवज में अब तक न तो नौकरी दी है और न ही उचित मुआवजे का भुगतान किया है.
मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर जताया विरोध
इस विवाद को सुलझाने के लिए बेरमो सीओ संजीत कुमार और बोकारो-करगली क्षेत्र के जीएम की मौजूदगी में कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन अब तक मामले का कोई सर्वमान्य निष्पादन नहीं निकाला जा सका है. वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित विस्थापितों ने जमीन पर अपना दावा ठोकते हुए जुताई शुरू कर दी. मौके पर समिति के सचिव डॉ. दशरथ महतो, जानकी महतो, मंजूर आलम, सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, मो. अकरम, मुमताज अंसारी, फलजीत महतो, गणेश महतो, जैनुल, मो. ईनाम, दौलत सिंह, जलेश्वर महतो, रोहित पाल्टा, जगेश्वर महतो, धनेश्वर यादव, बबलू अंसारी, मो. कमाल, मो. जमाल, नौशाद और लतीफ सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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