रांची को जाम से मिलेगी मुक्ति: 820 करोड़ की लागत से बनेंगे दो नए शानदार एलिवेटेड फ्लाईओवर, टेंडर जारी

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के निवासियों को जल्द ही शहर के दो सबसे व्यस्त रूटों पर ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत...

elevated flyovers
एआई इमेज

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के निवासियों को जल्द ही शहर के दो सबसे व्यस्त रूटों पर ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है. पथ निर्माण विभाग ने राजधानी की यातायात व्यवस्था को रफ्तार देने के लिए दो नए एलिवेटेड फ्लाईओवर (कॉरिडोर) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभाग की ओर से इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर जारी कर दिया गया है. इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्माण पर कुल 820 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन फ्लाईओवरों के बन जाने से न सिर्फ स्थानीय लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि दूसरे जिलों से रांची आने वाले वाहनों को भी शहर के भीतर घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा.

करमटोली चौक से साइंस सिटी फ्लाईओवर (लागत 351.14 करोड़)

इस परियोजना के तहत करमटोली चौक को साइंस सिटी से जोड़ा जाएगा. इस पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.216 किलोमीटर होगी. करमटोली से चिरौंदी स्थित साइंस सिटी तक 2.7 किलोमीटर लंबा मुख्य फ्लाईओवर बनेगा. मोरहाबादी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए 0.52 किलोमीटर लंबी एक विशेष संपर्क सड़क (लूप/रैंप) का निर्माण किया जाएगा. इस फ्लाईओवर के चालू होने से अंतू चौक, साइंस सिटी और चिरौंदी चौक के आसपास होने वाले ट्रैफिक जाम का नामोनिशान मिट जाएगा. रामगढ़ और हजारीबाग की ओर से राजधानी रांची में प्रवेश करने वाले वाहन चालक शहर के जाम से बचकर, समय की बचत करते हुए सीधे इस फ्लाईओवर का उपयोग कर सकेंगे. इस परियोजना की कुल स्वीकृत राशि 351.14 करोड़ रुपये है. इसमें सिविल कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण, प्रभावितों का पुनर्वास और पुनर्स्थापन और बिजली के तारों व पानी की पाइपलाइनों को शिफ्ट करने का खर्च भी शामिल है.

अरगोड़ा चौक से डिबडीह फ्लाईओवर (लागत 469.62 करोड़)

यातायात को सुगम बनाने के लिए दूसरी बड़ी परियोजना हरमू से डिबडीह पुल तक एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की है. इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.804 किलोमीटर होगी. इस फ्लाईओवर के डिजाइन को बेहद आधुनिक और व्यावहारिक बनाया गया है. इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कटहल मोड़ (चापूतोली) और अशोक नगर की ओर आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते (रैंप) दिए गए हैं, ताकि मुख्य कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव न बढ़े. इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से 469.62 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया के बाद धरातल पर काम तेजी से शुरू होने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: परदेस में झारखंडी युवाओं का सहारा बनेगा ‘माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर’, JSLPS ने रेवाड़ी के लिए निकाली बहाली

 

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *