Newswave Desk: एंडी बर्नहैम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया. उन्होंने केअर स्टार्मर की जगह यह जिम्मेदारी संभाली. 56 वर्षीय बर्नहैम शुक्रवार को लेबर पार्टी के निर्विरोध नेता चुने गए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) के नेतृत्व में भारत और ब्रिटेन के रिश्ते मजबूत बने रहेंगे. हालांकि उन्होंने सरकार में कई बदलावों के संकेत दिए हैं, लेकिन विदेश नीति में भारत के साथ सहयोग जारी रहने की उम्मीद है.
भारत के साथ पहले से रहे हैं अच्छे संबंध
मैनचेस्टर में भारत की महावाणिज्यदूत विशाखा यदुवंशी ने कहा कि पिछले एक साल में एंडी बर्नहैम के साथ भारत का सहयोग काफी अच्छा रहा है. उनके समर्थन से भारत और उत्तरी इंग्लैंड के बीच संबंध मजबूत हुए हैं. उन्होंने बताया कि बर्नहैम ने 2019 में भारत का दौरा किया था. इसके बाद उन्होंने भारत से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने का समर्थन किया. बर्नहैम ने मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली का दौरा किया था. उस समय उन्होंने कहा था कि भारत ग्रेटर मैनचेस्टर के लिए एक अहम साझेदार है. दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं.
भारत-ब्रिटेन संबंध और मजबूत होने की उम्मीद
‘लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि बर्नहैम हमेशा लंबे समय तक मजबूत रिश्ते बनाने में विश्वास रखते हैं. मैनचेस्टर में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने व्यापार, विश्वविद्यालयों, नवाचार और भारत-मैनचेस्टर सीधी उड़ान जैसी कई पहल का समर्थन किया. विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और ब्रिटेन के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं. ऐसे में एंडी बर्नहैम के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ने की उम्मीद है.
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