Ranchi: राजधानी रांची के प्रतिष्ठित कार शोरूम प्रेमसंस मोटर्स के मालिकों और अधिकारियों पर दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विवेक आर्य द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद अभियुक्तों ने अग्रिम जमानत के लिए सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और उक्त सभी आरोपियों को अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है.
किन्हें मिली अग्रिम जमानत
अग्रिम जमानत याचिका दायर करने वाले अभियुक्तों में प्रेमसंस मोटर्स के डायरेक्टर पुनीत पोद्दार और अवध पोद्दार, कंपनी के सेल्स मैनेजर शैलेश कुमार और जनरल मैनेजर लिंगराज पत्ताजोशी शामिल हैं.
क्या है मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अधिवक्ता विवेक आर्य के भाई ने प्रेमसंस मोटर्स रांची से एक कार खरीदने के लिए राशि का भुगतान किया था. प्रक्रिया के दौरान अधिवक्ता विवेक आर्य को कुछ ऐसे साक्ष्य और जानकारियां मिलीं जिससे यह खुलासा हुआ कि प्रेमसंस मोटर्स के मालिक और कर्मचारी मिलकर आम जनता को अपनी ठगी और जालसाजी का शिकार बना रहे हैं.
36 करोड़ की ठगी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह कंपनी आम लोगों को गुमराह कर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करती है और उनके पैसे हड़पकर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाती है. अधिवक्ता ने साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क द्वारा सालाना लगभग 36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला दर्ज करवाया है. इस संबंध में रांची के चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
