Ranchi: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान दौड़ में जान गंवाने वाले युवाओं के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार से मांग की है कि परीक्षा की दौड़ में मारे गए सभी छात्रों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. पूर्व सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की बिना तैयारी और हड़बड़ी में आयोजित की गई उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की दौड़ के दौरान 19 आदिवासी-मूलवासी झारखंडी युवाओं की असमय मौत हो गई, जबकि सैकड़ों युवा गंभीर रूप से घायल हो गए.
JPSC और परीक्षाओं की हो सीबीआई जांच
छात्र हित का हवाला देते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के उदाहरण दिया. कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में तत्परता दिखाते हुए CBI जांच के आदेश दिए और तुरंत 13 गिरफ्तारियां हुईं, उसी तर्ज पर झारखंड सरकार को भी सख्त कदम उठाने चाहिए. 14वीं JPSC पीटी परीक्षा सहित पूर्व की सभी गड़बड़ियों की CBI जांच की अनुशंसा अविलंब की जानी चाहिए. रघुवर दास ने राज्य की शिक्षण और परीक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि झारखंड ने एक साथ नौ प्रतियोगिता परीक्षाओं को स्थगित करने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया है. क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा में कई छात्रों को परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक मिला. इसके अलावा, संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में 100 में से 40 से अधिक प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए, जो छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है.
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