जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल : साहिबगंज से सोशल मीडिया स्टार बनने तक का सफर, हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज खुलासा, STF की जांच में कई बड़े नाम रडार पर

Ranchi: पश्चिम बर्धमान शहर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादी हामिद मंडल उर्फ हमीम से जारी पूछताछ में पश्चिम बंगाल पुलिस की...

Jaish-e-Mohammed module: From Sahibganj to social media stardom, sensational revelations of honeytrap and blackmailing, STF investigation puts several big names on the radar.

Ranchi: पश्चिम बर्धमान शहर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादी हामिद मंडल उर्फ हमीम से जारी पूछताछ में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एसआईटी के हाथ कई चौंकाने वाले तथ्य लगे हैं. इस पूरे मामले में अब सोशल मीडिया, कथित प्रेम संबंध और ‘हनीट्रैप’ का एक खतरनाक गठजोड़ सामने आया है. जांच एजेंसियों ने इस मामले में अर्पिता सरकार नाम की युवती से गहन पूछताछ की है, जिससे इस नेटवर्क के काम करने के तरीके पर से पर्दा उठा है.

साहिबगंज से सोशल मीडिया स्टार बनने तक का सफर

एसटीएफ के अनुसार, अर्पिता सरकार का पैतृक घर झारखंड में है, जबकि उसके परिवार का संबंध पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित फरक्का क्षेत्र से भी है. अर्पिता ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने अपनी शुरुआती शिक्षा के बाद झारखंड के साहिबगंज जिले से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. कॉलेज के दिनों से ही उसे मॉडलिंग, फोटोग्राफी और सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का जुनून था. वह अक्सर बाइक से आसपास के इलाकों में घूमती थी और अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया करती थी. स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान एक आधुनिक और सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय युवती के रूप में बन चुकी थी.

यह भी पढ़ें: JPSC-JSSC मामला: रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन तेज, देवेंद्र नाथ महतो आमरण अनशन पर बैठे

इंस्टाग्राम पर पहचान और ‘हनीट्रैप’ का जाल

जांच एजेंसियों का दावा है कि सोशल मीडिया पर इसी बढ़ती सक्रियता के दौरान करीब चार साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी मुलाकात हामिद मंडल उर्फ हमीम से हुई. हमीम ने खुद को एक बड़ा व्यापारी बताकर अर्पिता से बातचीत शुरू की. धीरे-धीरे बातचीत व्हाट्सऐप तक पहुंची और दोनों के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गए. एजेंसियों का मानना है कि हमीम ने इस रिश्ते का फायदा उठाकर अर्पिता को अपने नेटवर्क में शामिल किया और वह हमीम की संदिग्ध गतिविधियों में मदद करने लगी.

मंत्री के बेटे को बनाया शिकार: ब्लैकमेलिंग और अपहरण की साजिश

जांच में एक और बेहद गंभीर खुलासा सामने आया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि अर्पिता काफी समय तक एक मंत्री के बेटे के साथ सोशल मीडिया पर लगातार संपर्क में थी. अर्पिता ने कथित तौर पर मंत्री के बेटे को अपने प्रेमजाल (हनीट्रैप) में फंसाया और बाद में ब्लैकमेल करके उससे एक मोटी रकम वसूली. यही नहीं, इसके बाद उसके अपहरण की भी साजिश रची गई थी. हालांकि, इन सभी आरोपों की अदालत में पुष्टि होना बाकी है और पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है.

क्या सिर्फ वसूली थी या आतंकी साजिश का हिस्सा?

पश्चिम बंगाल एसटीएफ को आशंका है कि यह पूरा मामला सिर्फ पैसों की वसूली या आपराधिक घटनाओं तक सीमित नहीं है. जांच अब इस महत्वपूर्ण पहलू पर केंद्रित है कि क्या इस कथित हनीट्रैप नेटवर्क का इस्तेमाल:

– समाज के प्रभावशाली लोगों की पहचान करने

– उनकी गोपनीय गतिविधियों पर नजर रखने

– संगठित आपराधिक या आतंकी नेटवर्क को मजबूती देने के लिए किया जा रहा था?

फिलहाल एसटीएफ और एसआईटी की टीम अर्पिता के डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया चैट्स, डिजिटल कॉन्टैक्ट्स और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और उनके असली मंसूबों को सामने लाया जा सके.

यह भी पढ़ें: NEET PG 2026 exam: पैटर्न में बड़े बदलाव, एकल शिफ्ट, कम प्रश्न और आधार सत्यापन अनिवार्य

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *