News Wave Desk: 12 अगस्त को इस साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह सूर्य ग्रहण खगोलीय विज्ञान की दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. इस बार ग्रहण के दौरान लोगों को आसमान में शानदार और अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे. क्योंकि इस दौरान सूर्य का करीब 90% हिस्सा चंद्रमा की छाया में ढक जाएगा, जिससे दिन के समय में ही रात जैसा नजारा देखने को मिलेगा और मौसम थोड़ी देर के लिए ठंडा हो जाएगा. हालांकि, सूर्य ग्रहण के इस अद्भुत नजारे का मजा भारतीय नहीं ले पाएंगे. यह ग्रहण यूरोप से अमेरिका तक दुनिया के बड़े हिस्सों में दिखाई देने वाला है.
ग्रहण के समय कैसा दिखेगा आसमान?
ग्रहण के समय आसमान बेहद आकर्षक और रोमांचकारी दिखने वाला है. ग्रहण की शुरुआत में चंद्रमा का किनारा सूर्य की सतह को छूएगा. इसके बाद धीरे-धीरे चंद्रमा पूर्ण रूप से सूर्य के सामने आता जाएगा और सूर्य का चमकीला भाग कम होता जाएगा. ऐसे में जैसे-जैसे ग्रहण आगे बढ़ता जाएगा, वातावरण में भी कुछ बदलाव होने लगेंगे, जैसे दिन में रात जैसा नजारा, तापमान में हल्की गिरावट, हवा में नमी और ठंडक महसूस हो सकती है. वहीं, ग्रहण समाप्त होते ही सूर्य का प्रकाश सामान्य रूप से लौट आएगा और वातावरण भी सामान्य हो जाएगा.
क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण?
नहीं, 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. क्योंकि, भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा. वहीं पूर्ण ग्रहण रात 10 बजकर 29 मिनट में शुरू होगा औ रात 12 बजकर 05 मिनट पर ग्रहण खत्म होगा. ऐसे में इस समय भारत में रात होगी और इसलिए भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा.
पूर्ण सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?
बुधवार को लगने वाले सूर्य ग्रहण की पूर्ण छाया पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड और उत्तरी स्पेन के एक संकरे क्षेत्र से होकर गुजरेगी. ग्रहण की पूर्ण अवस्था लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रहेगी, जिसे आइसलैंड के पास समुद्र में सबसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. यह 2015 के बाद यूरोप में दिखाई देने वाला पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जबकि मुख्य भूमि यूरोप में ऐसा दृश्य 1999 के बाद पहली बार देखने को मिलेगा. स्पेन के अलावा यूरोप के अधिकांश देशों में यह ग्रहण गहरे आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा.
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