Palamu: पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी की पंचायत परामर्श यात्रा लगातार जारी है. इसी क्रम में सोमवार को पड़वा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों—छेछौरी, पतरा, मुरमा, पड़वा, लोहड़ा, गाड़ीखास और कजरी—का सघन दौरा किया गया. इस दौरान आयोजित बैठकों में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को विस्तार से रखा.
प्रशासनिक समस्याओं को ग्रामीणों ने उठाया
बैठकों में ग्रामीणों ने प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर आने वाली प्रशासनिक कठिनाइयों को प्रमुखता से उठाया. ग्रामीणों ने बताया कि जाति, आय और निवास प्रमाण-पत्र बनवाने, भूमि एवं राजस्व मामलों के निपटारे तथा थाना स्तर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.
भाषा संबंधी दिक्कतों का भी उठा मुद्दा
ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्यों में भाषा से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया. उनका कहना था कि स्थानीय भाषा में संवाद की कमी के कारण कई बार सरकारी प्रक्रियाओं को समझने और पूरा कराने में परेशानी होती है.
जमीनी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का उद्देश्य
यात्रा के समन्वयकों ने बताया कि पंचायत परामर्श यात्रा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना, उन्हें संगठित करना और उनकी वाजिब मांगों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
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