रांची: हेमंत सरकार ने देवघर जिले में नए केंद्रीय कारा के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत, सरकार ने कारागार के विस्तार और निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण के लिए 9.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस संबंध में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा आवंटित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति के संबंध में प्रधान महालेखाकार को पत्र लिखा गया है. उल्लेखनीय है कि मई 2025 में राज्य सरकार ने देवघर में केंद्रीय कारा के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी थी.

25 एकड़ भूमि का होगा अतिरिक्त अधिग्रहण:
देवघर के मोहनपुर अंचल के अंतर्गत नाढ़ीपकड़िया (तपोवन) में वर्तमान में 27.28 एकड़ भूमि पर चहारदिवारी का निर्माण पहले ही किया जा चुका है, हालांकि, जेल की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त 25.00 एकड़ भूमि की आवश्यकता महसूस की गई थी. डीसी देवघर देवघर के प्रस्ताव के बादअब कुल 25 एकड़ भूमि का चयन किया गया है. जिनमें मौजा नाढ़ीपकड़िया (थाना नं० 663-674): 14.79 एकड़, मौजा किसनीडीह (थाना नं० 662): 10.21 एकड़ शामिल है. इसमें से 23.68 एकड़ रैयती भूमि है, जबकि 1.32 एकड़ गैर-मजरूआ किस्म की भूमि है.
रैयतों को मिलेगा उचित मुआवजा:
सरकार द्वारा स्वीकृत की गई 9.76 करोड़ की राशि मुख्य रूप से 23.68 एकड़ रैयती भूमि के अधिग्रहण के लिए संभावित मुआवजे के तौर पर खर्च की जाएगी. मोहनपुर सीओ और देवघर डीसी द्वारा तैयार किए गए प्राक्कलन के आधार पर इस राशि की गणना की गई है.
अत्याधुनिक होंगे देवघर जेल:
देवघर जेल अब अत्याधुनिक होंगे. जेलों में कैदियों की मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा साथ ही आईपी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं चारों तरफ इलेक्ट्रानिक फेंसिंग की जाएगी. जेलों के दरवाजों पर एक्सरे बैगेज स्कैनर लगाए जाएंगे.

