Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

डीवीसी हाई स्कूल 1983 बैच का मिलन समारोह, 40 साल बाद साथियों ने ताजा की यादें

बेरमो: यादों के गलियारे और बचपन की अनगिनत शरारतों के बीच रविवार को बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी हाई स्कूल के 1983 बैच...

बेरमो: यादों के गलियारे और बचपन की अनगिनत शरारतों के बीच रविवार को बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी हाई स्कूल के 1983 बैच के पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं का मिलन समारोह संपन्न हुआ. बोकारो थर्मल की धरती पर जब 40 साल बाद सहपाठी एक-दूसरे से मिले, तो उम्र का फासला मिट गया और हर चेहरा स्कूल के दिनों की मासूमियत से खिल उठा.

स्कूल गेट पर ताजा हुई पुरानी यादें

समारोह की शुरुआत में सभी पूर्व छात्र-छात्राएं अपने पुराने स्कूल, हाई स्कूल एवं मिडिल स्कूल के गेट पर एकत्रित हुए. हालांकि स्कूल बंद था, लेकिन गेट पर खड़े होकर उन्होंने अपनी पुरानी कक्षाओं और खेल के मैदान की यादें साझा कीं.

स्कूल की स्थिति देख जताई चिंता

इस दौरान स्कूल की जर्जर हालत और गिरते शैक्षणिक स्तर को देख सभी भावुक और चिंतित नजर आए. छात्रों ने डीवीसी प्रबंधन से मांग की कि इन ऐतिहासिक स्कूलों की दुर्दशा को सुधारा जाए. उन्होंने कहा कि एक दौर था जब गिरिडीह जिले में इस स्कूल का नाम नंबर वन पर आता था, लेकिन आज यहां प्रबंधन के अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चे भी पढ़ना पसंद नहीं करते.

Also Read: पलामू: बेतला में प्राकृतिक साबुन निर्माण पर प्रशिक्षण संपन्न

पूर्व छात्रा ने साझा की भावनाएं

कार्यक्रम के दौरान भावुक होते हुए पूर्व छात्रा जुथिका गांगुली ने कहा कि आज इतने दशकों बाद अपने पुराने साथियों और इस स्कूल की मिट्टी के करीब आकर ऐसा लग रहा है मानो हम फिर से बच्चे बन गए हैं. लेकिन स्कूल की यह बदहाली देखकर दिल दुखता है. इसी संस्थान ने हमें गढ़ा और आज हम जहां भी हैं, इसी की बदौलत हैं. प्रबंधन को चाहिए कि वह इसकी विरासत को बचाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गर्व के साथ यहां शिक्षा ले सकें.

डैम भ्रमण और यादों का सिलसिला

स्कूल भ्रमण के बाद सभी छात्र भ्रमण के लिए कोनार और तेनुघाट डैम रवाना हुए. हैदराबाद, कोलकाता, धनबाद, रांची और स्थानीय स्तर से आए इन पुराने मित्रों ने साथ में भोजन किया और पुरानी यादों की पोटली खोली.

कई पूर्व छात्र रहे शामिल

इस यादगार मिलन समारोह में मुख्य रूप से संदीप घोष, जुथिका गांगुली, श्रेयासी घोष, संजीव विश्वास, कुंतल दत्ता, अनूप सालुई, जितेंद्र गुप्ता, देवाशीष, संजय कुमार मिश्रा, गोपू गुप्ता, आशीष चक्रवर्ती, बैजनाथ प्रसाद, सबिता विश्वास और सुनील कर्ण सहित कई अन्य पूर्व छात्र शामिल हुए.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *