सिमडेगा : ईद, सरहुल, चैती दुर्गा पूजा, चैती छठ और रामनवमी जैसे आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है. इसी क्रम में सिमडेगा समाहरणालय में उपायुक्त कंचन सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि ईद का पर्व 20 या 21 मार्च को मनाया जाएगा, जिसमें निर्धारित मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी. वहीं सरहुल पर्व के अवसर पर 21 मार्च को सलडेगा सरना स्थल से जुलूस निकाली जाएगी, जो प्रिंस चौक और महावीर चौक होते हुए नीचे बाजार पेट्रोल पंप तक जाएगी और बाद में मुख्य मार्गों से होते हुए पानी टंकी के निकट स्थित सरना स्थल पर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा.

Also Read : राज्यसभा और विधानसभा में उठा पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा
निर्धारित रूट से ही निकलेंगी जुलूस.
रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को जुलूस निकाली जाएगी, जिसके लिए विभिन्न अखाड़ा के सदस्य महावीर चौक पर एकत्रित होंगे और वहां से निर्धारित मार्ग से जुलूस निकलेगी. इसके अलावा 24 से 26 मार्च तक प्रतिदिन शाम को महावीर चौक पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसके लिए बैरिकेटिंग की व्यवस्था की जाएगी. चैती छठ का अर्घ्य 24 और 25 मार्च को केलाघाघ और छठ घाट में दिया जाएगा, जबकि चैती दुर्गा पूजा 19 मार्च से सलडेगा और ठाकुर टोली में शुरू होकर 28 मार्च को प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होगी. उपायुक्त कंचन सिंह ने निर्देश दिया कि सभी जुलूस निर्धारित रूट से ही निकाली जाएं और सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए. वहीं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने कहा कि जिले में त्योहार हमेशा शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं और इस बार भी प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद है.

