रांची: झारखंड में युवाओं की रगों में घुलते नशे और बढ़ते ड्रग्स तस्करी के जाल पर सरकार अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है. विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य में बढ़ते अवैध ड्रग्स व्यापार, विशेषकर हजारीबाग और रामगढ़ के इलाकों में फैलते ब्राउन शुगर और हेरोइन का मुद्दा गरमाया रहा. विधायक रोशन लाल चौधरी के सवालों पर जवाब देते हुए मंत्री योगेन्द्र महतो ने सदन को भरोसा दिलाया कि नशे के खात्मे के लिए अब हर जिले में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा.

हजारीबाग और रामगढ़ बने तस्करी के नए हॉटस्पॉट:
विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन का ध्यान राज्य के दो प्रमुख जिलों की ओर खींचते हुए कहा कि हजारीबाग और रामगढ़ ड्रग माफियाओं के गढ़ बनते जा रहे हैं. उन्होंने विशेष रूप से रामगढ़ के पतरातु, बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्रों का जिक्र किया, जहां ड्रग्स की पहुंच गली-मोहल्लों तक हो गई है. विधायक ने चिंता जताई कि इस सफेद जहर के कारण न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, बल्कि चोरी, छिनतई और हत्या जैसे अपराधों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है.
तीन साल में बढ़ा ग्राफ:
सदन में पेश किए गए सरकारी आंकड़े के मुताबिक 2019 से 2023: इस अवधि के दौरान राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2396 मामले दर्ज किए गए थे. 2023 से 2026: पिछले तीन वर्षों में इन मामलों की संख्या में भारी उछाल देखा गया है. हाल के दिनों में हजारीबाग और आसपास के इलाकों से करोड़ों रुपये के ड्रग्स बरामद किए गए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि ड्रग सिंडिकेट की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं.
सरकार का जवाब, शिकंजे में होंगे माफिया:
विधायक रोशन लाल चौधरी द्वारा ड्रग माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान और समर्पित टास्क फोर्स की मांग पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है. सरकार तरफ से मंत्री योगेन्द्र महतो ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. गृह विभाग को निर्देशित किया गया है कि हर जिले में एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाए जो सीधे तौर पर एंटी-नारकोटिक्स अभियानों का संचालन करेगी.

