News Desk: वैश्विक तनाव के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की संभावना जताई जा रही है. सेंसेक्स और Nifty 50 के गिरावट के साथ खुलने के संकेत मिल रहे हैं. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव से महंगाई और अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है.

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली. जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 5% से ज्यादा टूट गया, जबकि अन्य बाजारों में भी बिकवाली हावी रही. बढ़ते जोखिम के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इक्विटी बाजार दबाव में हैं.
Gift Nifty के संकेत कमजोर
Gift Nifty लगभग 22,808 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले बंद के मुकाबले करीब 300 अंकों की गिरावट दर्शाता है. इससे साफ है कि आज घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है.
अमेरिकी बाजार भी दबाव में
शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भी गिरावट दर्ज की गई. S&P 500 छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया. Nvidia, Tesla और Meta जैसे बड़े टेक शेयरों में बिकवाली देखी गई.
घरेलू आर्थिक संकेत भी कमजोर
भारत के आठ प्रमुख कोर सेक्टर की ग्रोथ फरवरी में घटकर 2.3% रह गई, जो पिछले तीन महीनों का सबसे निचला स्तर है. इससे देश की आर्थिक रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ी है.
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विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. 2026 में अब तक करीब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली हो चुकी है, जिसमें से सिर्फ मार्च में ही 88,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी हुई है.
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तेल और सोने में अलग-अलग रुख
तेल की कीमतों में हाल की तेजी के बाद फिलहाल स्थिरता है, लेकिन जोखिम बना हुआ है. वहीं, सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है,पिछले हफ्ते करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई, जो लंबे समय में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है.
डॉलर की मजबूती का असर
डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखी जा रही है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं. मजबूत डॉलर का असर उभरते बाजारों, खासकर भारत, पर नकारात्मक पड़ रहा है.
एक्सपर्ट की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सतर्क रहना जरूरी है. रिलायंस ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा के अनुसार, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, इसलिए निवेशकों को हेजिंग रणनीति अपनानी चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही निवेश करना बेहतर रहेगा.

