रांची : बोकारो के लापता युवती मामले में झारखंड हाईकोर्ट में दायर हेवीयस कार्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है, दरअसल अदालत ने याचिकाकर्ता के रिश्तेदार के साथ पिंडराजोड़ा थाना बुलाकर मारपीट मामले में डीजीपी से जवाब तलब किया है. मामले में नौ अप्रैल तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है, वहीं हाई कोर्ट ने इस पूरे प्रकरण पर डीजीपी से दो टूक में पूछा कि लगभग 7 महीने से गायब 18 वर्षीय युक्ति की छानबीन में उनके ही रिश्तेदार के साथ मारपीट करने को लेकर बोकारो एसपी पर क्यों ना क्रिमिनल कंटेंप्ट चलाया जाए? आपको बताते चले कि इसके पूर्व याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विंसेंट रोहित मार्की ने अदालत को बताया कि रिश्तेदार संपत महतो के साथ हुई मारपीट में गंभीर चोटे आई हैं वह अस्पताल में भर्ती हैं जिसके कागजात भी अदालत के समक्ष पेश किए गए.
याचिकाकर्ता के रिश्तेदारों के के साथ कुछ हुआ तो एसपी होंगे जिम्मेदार:
अदालत ने कड़ा रूप अख्तियार करते हुए यह साफ किया कि भविष्य में अगर याचिकाकर्ता या उनके किसी भी रिश्तेदार को बोकारो पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी बोकारो एसपी की होगी, वहीं अदालत में डीजीपी से पूछा कि सात माह से अधिक गायब हुए युवती को बरामदगी को लेकर अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं, वही डीजीपी ने बताया कि अब तक कई जगह छापेमारी की गई है एक संदिग्ध को भी पकड़ा गया है उसका नार्को टेस्ट कराया जा रहा.
