बजट सत्र: जो हार कर जीतता है, उसे बाजीगर कहते हैं- वित्त मंत्री

रांची: विधानसभा बजट सत्र के छठे दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हम सभी की चिंता यह होनी चाहिए कि...

रांची: विधानसभा बजट सत्र के छठे दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हम सभी की चिंता यह होनी चाहिए कि राज्य का सर्वांगीण विकास कैसे हो. यदि जनता के साथ थोड़ा भी छलावा करेंगे, तो अगली बार जनता मौका नहीं देगी। वित्त मंत्री सदन में बजट पर अपनी बात रख रहे थे.

उन्होंने कहा कि राज्य आगे बढ़ेगा तो हम सब आगे बढ़ेंगे. पक्ष और विपक्ष—दोनों की प्रशंसा होगी. मैं राजनीति के अंतिम पड़ाव पर हूं. क्या छलावा, क्या बाजीगरी और क्या धोखेबाजी. जब वित्त मंत्री अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

वित्त मंत्री ने कहा कि संसदीय व्यवस्था में पक्ष और विपक्ष के साथ राज्य की जनता भी होती है. इस बजट की सराहना व्यापार जगत, किसानों, महिलाओं, शिक्षाविदों, छात्रों और मजदूरों ने भी की है. उन्होंने कहा कि “जो हार कर जीतता है, उसे बाजीगर कहते हैं.”

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केंद्र ने राशि में की कटौती

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और अनुदान में कटौती की है. झारखंड सरकार उपयोगिता प्रमाण पत्र देने को तैयार है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं है, इसलिए केंद्र सहयोग नहीं कर रहा.

उन्होंने कहा कि बजट का अनुपालन होना चाहिए. वर्ष 2001 से अब तक 8 लाख 56 हजार 404 करोड़ रुपये की स्वीकृति इसी सदन ने दी है. पहली बार इस बजट में स्थापना मद की राशि बढ़ाई गई है, ताकि मानव संसाधन की कमी न हो. अब तक 38 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है.

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 50 लाख मीट्रिक टन धान और 10 लाख मीट्रिक टन दलहन का उत्पादन हुआ है. मत्स्य क्षेत्र में झारखंड आत्मनिर्भर हो गया है. दुग्ध उत्पादन और बागवानी (हॉर्टिकल्चर) के क्षेत्र में भी राज्य आगे बढ़ रहा है. सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है. मंइया सम्मान योजना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लाई गई है.

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घोषणाओं का अनुपालन कार्यपालिका को करना होगा

वित्त मंत्री ने कहा कि घोषणाओं का अनुपालन कार्यपालिका को सुनिश्चित करना होगा. इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वित्त मंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करेगी. इन घोषणाओं का अनुपालन उसी वित्तीय वर्ष में करना अनिवार्य होगा.

उन्होंने कार्यपालिका को संदेश देते हुए कहा कि यदि आप नहीं चाहेंगे, तो सफलता एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती. एक जुनून पैदा करना होगा. झूमरा और बुढ़ा पहाड़ में रहने वाले लोगों के चेहरों पर खुशी कैसे आए, यह देखना होगा.

10 हजार करोड़ की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का संकेत

वित्त मंत्री ने ऑडिट में पाई गई 10 हजार करोड़ रुपये की गड़बड़ी पर कहा कि इसका पता कैसे नहीं चलेगा? यह पैसा झारखंड की जनता का है. यदि डीएमएफटी फंड में बिचौलियागिरी हुई होगी, तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि जब तक पूंजी निवेश नहीं होगा, तब तक संसाधनों के दम पर राज्य आगे नहीं बढ़ सकता. मुख्यमंत्री के विदेश दौरे का परिणाम दो वर्षों के भीतर दिखाई देगा और अधिक से अधिक पूंजी निवेश आएगा.

450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की घोषणा का अनुपालन किया जाएगा. अनुसूचित परामर्शदात्री समिति के गठन का भी पालन किया जाएगा.

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