रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के सातवें दिन सरकार के पक्ष में बोलते हुए सुरेश पासवान ने कहा कि कृषि की योजनाएं काबिले-तारीफ हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कभी पशुधन के बारे में नहीं सोचा. गाय, सुअर, मुर्गी और बकरी पालन का भी विरोध किया जाता है. विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “अच्छा-अच्छा अनाज खाइएगा तो बुद्धि ठीक रहेगी.

इन लोगों को शुगर हो गया है, इसलिए अब मड़ुआ खोज रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई किसान गाय लेकर जाता है तो विपक्ष के लोग तुरंत पुलिस को फोन कर देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के पूंजीपतियों के पास मांस की फैक्ट्रियां हैं और उनकी सरकार को अगले 50 साल तक कोई हिला नहीं सकेगा.
अरूप चटर्जी ने कहा कि बड़े जलाशयों में मछली का चारा छोड़ा जाना चाहिए. सरकारी तालाबों की ओपन नीलामी की जाए, जिससे राजस्व बढ़ेगा. उन्होंने मांगुर मछली की तस्करी पर रोक लगाने और गोचर भूमि को चिन्हित कर गोशाला निर्माण की मांग की.
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हाथियों के आतंक से फसलों को नुकसान: निर्मल
निर्मल महतो ने कहा कि हाथियों के आतंक से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है. किसानों के लिए विशेष कोष का गठन किया जाए. दारू प्रखंड के किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है. दामोदर नदी के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाना चाहिए.
वैल्यू एडिशन पर हो ध्यान: जयराम
जयराम महतो ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसान सम्मानजनक जीवन नहीं जी पा रहा है. राज्य में अधिकतर खेती मॉनसून पर निर्भर है। वैल्यू एडिशन पर ध्यान देने की जरूरत है. किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. फूड प्रोसेसिंग और एग्रो यूनिट स्थापित करने की आवश्यकता है, तभी रोजगार बढ़ेगा और पलायन रुकेगा. प्रत्येक जिले में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट और फूड पार्क स्थापित किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि बोकारो के चतरा चट्टी में किसानों का भुगतान अब तक लंबित है.
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किसान हित में सरकार प्रतिबद्ध: मंगल
मंगल कालिंदी ने कहा कि सरकार किसान हितों को लेकर प्रतिबद्ध है. मिलेट मिशन योजना के तहत किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है. बड़ाम और पटमदा प्रखंड में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की जानी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने स्कूल बंद करवा दिए ताकि किसानों और मजदूरों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएं. 17 वर्षों के शासन में बीजेपी ने व्यवस्था को पटरी से उतार दिया.

