रांची: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को जमशेदपुर में कहा कि भगवद्गीता की आध्यात्मिक शिक्षाएं आज के युवाओं को नई दिशा देने और उनके जीवन को सकारात्मक रूप से गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही.
गीता की शिक्षाएं आत्मा के लिए आहार के समान
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि गीता में निहित शिक्षाएं आत्मा के लिए आहार के समान हैं. ये जीवन में संतुलन, कर्तव्यबोध और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करती हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि जमशेदपुर में बनने वाला भगवान जगन्नाथ मंदिर आध्यात्मिक अध्ययन और सामुदायिक सौहार्द का केंद्र बनेगा.
गरीब बच्चों की शिक्षा होगी सुनिश्चित
राष्ट्रपति ने कहा कि यहां संचालित छात्रावास के माध्यम से गरीब बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि देशभर में अब तक 500 से अधिक जगन्नाथ मंदिरों का निर्माण किया जा चुका है.
पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगा निर्माण
ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी एस.के. बेहरा ने बताया कि यह केंद्र ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा. यह परियोजना खरकई नदी के निकट लगभग 2.5 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि यह प्रकल्प झारखंड में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा तथा युवाओं के चरित्र निर्माण और नैतिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा.


