रांची: बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को सदर अस्पताल रांची परिसर से कैंडल मार्च निकाला गया. यह कार्यक्रम सेव द गर्ल चाइल्ड अभियान के तहत आयोजित किया गया. इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और लोगों को जागरूक करना था.

सिविल सर्जन ने किया नेतृत्व
कैंडल मार्च का नेतृत्व रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना बेहद जरूरी है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लोगों को जागरूक करना भी था.
Read Also: सिमडेगा नगर परिषद उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर समाहरणालय के 100 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू
डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और छात्राओं की भागीदारी
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और एएनएम स्कूल की छात्राएं शामिल हुईं. सभी प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मार्च किया और बेटियों के अधिकारों और सम्मान के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई.
“बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” के लगे नारे
मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे लगाए और लोगों को बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक किया. कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियां समाज की प्रगति और विकास की मजबूत आधारशिला हैं.
बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर- सिविल सर्जन
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं. उनके सुरक्षित जन्म, बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लिंग समानता और बेटियों के अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

