चुनौतीपूर्ण स्थिति : झारखंड की 70 फीसदी महिला श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं

Ranchi: राज्य की कामकाजी महिलाओं के लिए स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 70.5 प्रतिशत नियमित वेतन पाने वाली...

Ranchi: राज्य की कामकाजी महिलाओं के लिए स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 70.5 प्रतिशत नियमित वेतन पाने वाली महिला श्रमिकों के पास कोई सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं है. वहीं राज्य में न केवल रोजगार के क्षेत्रों में विविधता आई है, बल्कि श्रमिकों की स्थिति और उनकी आय के पैटर्न में भी बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं. आंकड़ों के अनुसार राज्य का कार्यबल अब कृषि से निकलकर निर्माण और अन्य द्वितीयक क्षेत्रों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है.

ये भी पढ़ें : झारखंड में थाली हुई समृद्ध: प्रति व्यक्ति खाद्यान्न और दूध की उपलब्धता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

निर्माण क्षेत्र ने बदली पुरुषों के रोजगार की दिशा

झारखंड में पुरुष रोजगार के क्षेत्र में व्यापक विविधीकरण देखा गया है. विशेष रूप से निर्माण क्षेत्र में आई तेजी के कारण, द्वितीयक क्षेत्र में पुरुषों की हिस्सेदारी 29.5 प्रतिशत से बढ़कर 37.7 प्रतिशत हो गई है. यह इस बात का संकेत है कि राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने बड़ी संख्या में पुरुष श्रमिकों को अपनी ओर आकर्षित किया है.

आय में भारी विषमता : शहरी बनाम ग्रामीण

वेतन को लेकर एक गहरी खाई भी उजागर हुई है. नियमित वेतन पाने वाले श्रमिकों की आय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच काफी अंतर है. शहरी पुरुष आय 29,159 रुपए प्रति माह है, जबकि ग्रामीण पुरुष आय 15,252 रुपए प्रति माह है. इस हिसाब से शहर में काम करने वाले पुरुषों की आय ग्रामीणों की तुलना में 1.9 गुना अधिक है. वहीं सभी रोजगार श्रेणियों और स्थानों पर पुरुषों की आय महिलाओं की तुलना में अधिक बनी हुई है.\

ये भी पढ़ें : असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार : सरुपथर का अभिमान है तीर-धनुष, यही दिलाएगा चाय बागान श्रमिकों को हक

बिना लिखित अनुबंध के काम वाले श्रमिक 51.7 फीसदी

बिना लिखित अनुबंध के काम करने वाले नियमित श्रमिकों की संख्या 64.8 फीसदी से घटकर 51.7 फीसदी रह गई है. बिना छुट्टी के वेतन पाने वाले श्रमिकों की हिस्सेदारी भी 53.5 फीसदी से कम होकर 42.9 फीसदी पर आ गई है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *