चतरा: सिमरिया में पिछले दिनों हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है. मामले की उच्चस्तरीय जांच कर रही केंद्रीय एजेंसियों ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण पूरा कर लिया है.

जांच एजेंसियां अपने साथ विमान का मलबा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य लेकर रवाना हो चुकी है, ताकि प्रयोगशाला में इनकी विस्तृत जांच की जा सके.
केंद्र सरकार की दो महत्वपूर्ण इकाइयां कर रही जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की दो महत्वपूर्ण इकाइयां इसकी जांच कर रही हैं. जिनमें DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) विमानन सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है.
जबकि AAIB (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) की टीम ने मलबे के हर एक हिस्से का विश्लेषण किया है. टीम ने इंजन के पुर्जों, संचार उपकरणों और मलबे के बिखराव के पैटर्न को रिकॉर्ड किया है.
Also Read: झारखंड में ई-मेल बम का खौफ: सिविल कोर्ट से DC ऑफिस तक उड़ाने की धमकी, क्या है इसके पीछे का सच?
मलबे को साथ ले गई टीम
जानकारी के अनुसार, AAIB की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित करने के बाद विमान के मलबे को अपने साथ ले लिया है. इसे सुरक्षित रूप से जांच केंद्र भेजा जाएगा, जहां फोरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि दुर्घटना यांत्रिक खराबी के कारण हुई या इसके पीछे खराब मौसम और मानवीय त्रुटि जैसे अन्य कारण थे.
गौरतलब है कि 23 फरवरी की देर शाम सिमरिया में रेड बर्ड एयरवेज की एक एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. यह हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

