कोयला घोटाला: ईडी ने एलबी सिंह से खनन, परिवहन और हवाला कनेक्शन पर पूछे सवाल, अनूप माजी उर्फ लाला से संबंध को लेकर भी एजेंसी ने की पड़ताल

Ranchi: कोयला घोटाला मामले में पीएमएलए के तहत जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर सोमवार को धनबाद के कोयला...

Ranchi: कोयला घोटाला मामले में पीएमएलए के तहत जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर सोमवार को धनबाद के कोयला कारोबारी एलबी सिंह पूछताछ के लिए रांची स्थित जोनल कार्यालय पहुंचे थे. एजेंसी ने उनसे कोयले के खनन और परिवहन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर लंबी पूछताछ की. इस दौरान पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों को भी उनके सामने अनलॉक कर उससे दस्तावेज निकालने की कार्रवाई की गई. ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े हवाला लेन-देन और कोयला माफिया अनूप माजी उर्फ लाला से संभावित कनेक्शन को लेकर भी उनसे जानकारी जुटाने की कोशिश की. हालांकि एलबी सिंह ने लाला से किसी भी प्रकार के कारोबारी संबंध होने से इंकार किया है. बताया जाता है कि यह कोयला घोटाला झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है. इस मामले में ईडी ने अलग-अलग चार इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर जांच शुरू की है. आरोपियों पर अवैध कोयला खनन, अवैध परिवहन, अवैध भंडारण और अवैध तरीके से कोयले की खरीद-बिक्री के आरोप हैं.

ईडी ने 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी

ईडी ने 21 नवंबर 2025 को धनबाद और दुमका में एलबी सिंह और उनके करीबियों से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस कार्रवाई में करीब 2.20 करोड़ रुपए नकद और 150 से अधिक जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे. एजेंसी ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एलबी सिंह से विस्तृत पूछताछ की है. जिन ठिकानों से दस्तावेज बरामद हुए थे, उनमें एलबी सिंह के अलावा अनिल गोयल, संजय खेमका और अमर मंडल समेत उनके करीबी शामिल थे. डिजिटल उपकरणों को खोलने और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ के लिए ईडी ने एलबी सिंह को पहले भी समन किया था, लेकिन तब बीमारी का हवाला देकर उन्होंने समय मांगा था. बाद में उन्हें 9 मार्च को रांची कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया. एजेंसी ने उनसे अन्य कारोबारियों के साथ व्यावसायिक संबंधों के संबंध में भी पूछताछ की है. हालांकि पूछताछ में क्या तथ्य सामने आए हैं, इसे फिलहाल गोपनीय रखा गया है.

लाला की 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुका है ईडी

कोयला घोटाले के एक अन्य मामले में ईडी ने हाल ही में कोयला माफिया अनूप माजी और उसके सहयोगियों से जुड़ी 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है. एजेंसी ने अदालत में दाखिल चार्जशीट में बताया कि इस केस में अब तक 322.71 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है. जांच में सामने आया है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की गतिविधियां लाला के नेतृत्व वाले सिंडिकेट द्वारा संचालित की जा रही थीं. जांच एजेंसी के अनुसार इस सिंडिकेट ने अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी की और उसे स्थानीय नेटवर्क के जरिए पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों में खपाया. ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध परिवहन के लिए लाला पैड नाम से नकली चालान का इस्तेमाल किया जाता था, जो ऐसी फर्मों के नाम पर जारी किए जाते थे जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था. जब्त संपत्तियों में शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड और गगन फेरोटेक लिमिटेड के नाम पर अचल संपत्ति, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड निवेश शामिल हैं. ईडी अब एलबी सिंह से पूछताछ के दौरान लाला और उसके सिंडिकेट से संभावित कारोबारी संबंधों के पहलुओं की भी जांच कर रही है. जांच में हवाला के माध्यम से लेन-देन के संकेत भी मिले हैं.

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