New Delhi : मंगलवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई. इस पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बोलते हुए मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है. जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे. आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है. देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है. माइक भी अस्त्र बन गया है. यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है, जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता. संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है. गौरव गोगोई ने कहा कि यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है. हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए. क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है. लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है. यह निजी हमला नहीं है. देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं.

गौरव गोगोई को अमित शाह ने टोका
इसी बीच गृहमंत्री अमित शाह ने बीच में गौरव गोगोई को टोका और कहा- सदन जब चुनाव में जाता है तब भी स्पीकर का ऑफिस चालू रहता है. यह पद खाली नहीं रहता है. गोगोई जो गलत मतलब निकाल रहे हैं मैं उसका खंडन करने के लिए खड़ा हुआ हूं.
जगदंबिका पाल को सरकार का समर्थन
लोकसभा में स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा के दौरान जगदंबिका पाल की अध्यक्षता को सरकार का समर्थन मिला. केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में चेयरपर्सन के पैनल का कोई सदस्य सदन की अध्यक्षता कर सकता है और इसी आधार पर जगदंबिका पाल कार्यवाही चला रहे हैं.
केंद्रीय संसदीय मंत्री रिजिजू ने नियमों का दिया हवाला
किरन रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बहस संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत हो रही है, जिसमें लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है. नियमों के अनुसार, जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में होता है, तो स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करते. ऐसे में डिप्टी स्पीकर या पैनल का कोई अन्य सदस्य कार्यवाही संचालित करता है.
डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति पर टकराव
लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले कई वर्षों से डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखा है, जिससे एक तरह का संवैधानिक खालीपन पैदा हो गया है. उन्होंने कहा कि सदन को ऐसे सदस्य का चुनाव करना चाहिए जो अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान कार्यवाही की अध्यक्षता कर सके.
विपक्ष की आपत्तियां पूरी तरह निराधार : रविशंकर
वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की आपत्तियां पूरी तरह निराधार हैं और संसद की कार्यवाही तय नियमों के अनुसार चल रही है.
कार्यवाही चलाने का मुझे पूरा अधिकार : जगदंबिका पाल
वहीं पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर का पद खाली नहीं है, इसलिए उन्हें कार्यवाही चलाने का अधिकार है. कई सदस्यों ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा.
जेपी नड्डा ने विपक्ष को घेरा
राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष सदन के अंदर असली बहस नहीं चाहता है. उन्होंने चुनाव सुधारों पर चर्चा होने के बाद भी सदन के अंदर एसआईआर का मुद्दा उठाने के लिए विपक्ष की निंदा की. उन्होंने कहा कि विपक्ष फिर से वॉकआउट कर गया है और सदन में कोई चर्चा नहीं चाहता है.

