गिरिडीह में उपायुक्त ने कस्तूरबा बालिका विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया

    गिरिडीह: जिले में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय व्यवस्था और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त...

 

 

गिरिडीह: जिले में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय व्यवस्था और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने बिरनी और सरिया प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया. इसके साथ ही उन्होंने प्लस टू उच्च विद्यालय भरकट्टा का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

शैक्षणिक व्यवस्था और कक्षाओं का निरीक्षण

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सबसे पहले बिरनी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का दौरा किया. उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, भोजन, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

सरिया प्रखंड स्थित विद्यालय में निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परिसर की साफ-सफाई, कक्षाओं में पठन-पाठन की स्थिति, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, विज्ञान प्रयोगशाला और छात्राओं की उपस्थिति की गहन समीक्षा की. उन्होंने शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि नियमित रूप से कक्षाएं संचालित हों और निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा कराया जाए.

छात्राओं की पढ़ाई और गुणवत्ता पर जोर

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने छात्रावास का भी जायजा लिया और छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली. छात्राओं ने भोजन, स्वच्छता, पढ़ाई और खेलकूद से संबंधित अपनी बातें साझा कीं. इस पर उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए और निर्धारित मेन्यू का पालन सुनिश्चित हो. रसोईघर की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.

स्वच्छ पेयजल और शौचालय व्यवस्था

पेयजल और शौचालय व्यवस्था की जांच करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और सभी शौचालयों की प्रतिदिन सफाई हो. उन्होंने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने और समय-समय पर मेडिकल चेकअप कराने के निर्देश भी दिए.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उपायुक्त गंभीर दिखे. उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे, रजिस्टर संधारण और रात्रि निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए. साथ ही बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक प्रवेश पर रोक लगाने और परिसर में अनुशासन बनाए रखने को कहा गया.

खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का महत्व

उपायुक्त ने खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग, संगीत और अन्य गतिविधियों का नियमित आयोजन जरूरी है. इससे छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में समाज में बेहतर योगदान दे सकेंगी.

अंत में उपायुक्त ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों को निर्देश दिया कि विद्यालय संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो. सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जाए.

इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, विद्यालय प्राचार्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *