धनबाद एयरपोर्ट निर्माण मामला: विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए उठी मांग, सरकार ने दिया आश्वासन

रांची: धनबाद में एक पूर्ण विकसित एयरपोर्ट के निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र...

रांची: धनबाद में एक पूर्ण विकसित एयरपोर्ट के निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधायक अरूप चटर्जी ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया. सदन में हुई चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, वहीं सरकार ने अंततः केंद्र से प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया.

मौजूदा स्थिति पर सरकार का पक्ष

सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए संबंधित मंत्री ने स्पष्ट किया कि धनबाद में फिलहाल एक हवाई पट्टी मौजूद है, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं. वर्तमान हवाई पट्टी केवल 37 एकड़ में फैली है.

जमीन की कमी के कारण यहां बड़े विमानों का उतरना संभव नहीं है. एक बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कम से कम 113 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी.

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विधायकों ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

विधायक अरूप चटर्जी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार धनबाद में एयरपोर्ट बनाने की इच्छुक ही नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि धनबाद राज्य का एक बड़ा कमर्शियल हब है, फिर भी इसे हवाई सेवा से वंचित रखा जा रहा है.

वहीं, विधायक मथुरा महतो ने सुझाव दिया कि जमीन की समस्या का समाधान निकाला जा सकता है. उन्होंने कहा कि बलियापुर के पास लगभग 100 एकड़ जमीन खाली पड़ी है, और यदि कुछ अतिक्रमण हटाया जाए तो वहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो सकती है.

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तोपचांची में 400 एकड़ जमीन का विकल्प

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए विधायकों ने एक नया विकल्प पेश किया. उन्होंने बताया कि तोपचांची क्षेत्र में लगभग 400 एकड़ सरकारी जमीन खाली पड़ी है. यदि यहां एयरपोर्ट बनता है, तो इसके कई फायदे होंगे. इसपर मंत्री ने तर्क दिया कि बोकारो में एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है, जो धनबाद से मात्र 50 किमी की दूरी पर है.

हालांकि, विधायकों के रुख और धनबाद की महत्ता को देखते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार धनबाद की जरूरत को समझती है. जमीन की उपलब्धता की दिक्कतों को दूर करने के लिए संभावनाओं को तलाशा जाएगा और केंद्र सरकार से धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया जाएगा.

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