धनबाद: कोयलांचल की राजनीति के लिए कल की रात सस्पेंस और भारी गहमागहमी वाली रही. धनबाद नगर निगम के मेयर पद के लिए शुक्रवार को शुरू हुई मतगणना का दौर आज शनिवार को भी जारी रहेगा. हालांकि, अब तक के रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर है. झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एक बड़ी बढ़त बना ली है, जिससे अन्य खेमों में खलबली मच गई है.

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संजीव सिंह का दबदबा: बिना आधिकारिक टिकट के मारी बाजी:
शुक्रवार देर रात तक हुई मतगणना में पूर्व विधायक संजीव सिंह (वर्तमान विधायक रागिनी सिंह के पति. अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 9,944 वोटों से आगे चल रहे हैं. गौर करने वाली बात यह है कि संजीव सिंह को भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक समर्थन प्राप्त नहीं था, फिर भी उन्होंने हर राउंड में अपनी बढ़त बनाए रखी.
आधिकारिक आंकड़े: पहले दो राउंड का हाल:
जिला प्रशासन ने अब तक केवल दो राउंड के परिणाम की आधिकारिक घोषणा की है. इस राउंड में संजीव सिंह को 28,377 वोट प्राप्त हुए. दूसरे स्थान पर चल रहे चंद्रशेखर अग्रवाल को 18433 वोट मिले. भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार को 15,789 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस समर्थित शमशेर आलम अंसारी को 10,246 वोट मिले. अन्य प्रत्याशियों में इंदु देवी को 4,096, प्रकाश कुमार को 4,194, रवि चौधरी को 728 सहित कई उम्मीदवारों को सीमित मत मिले. पहले दो राउंड में बने इस बड़े अंतर ने साफ कर दिया कि मुकाबला सीधा शीर्ष चार प्रत्याशियों के बीच सिमटता जा रहा है. हालांकि संजीव सिंह ने बड़ी बढ़त बना ली है.
त्रिकोणीय मुकाबला और भाजपा का अंतर्कलह:
इस चुनाव की सबसे अनोखी बात यह है कि शीर्ष तीन उम्मीदवारों का जुड़ाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा से रहा है. संजीव कुमार को भाजपा का आधिकारिक समर्थन मिला. संजीव सिंह खुद भाजपा के पूर्व विधायक रहे हैं और उनकी पत्नी अभी भाजपा विधायक हैं. चंद्रशेखर अग्रवाल ने भाजपा के भरोसे नामांकन किया था, लेकिन समर्थन न मिलने पर ऐन वक्त पर जेएमएम का दामन थाम लिया.

