रांची: झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का सामना कर रहे जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत मिली है. सोमवार को उनके अधिवक्ता के माध्यम से रांची स्थित विशेष ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) कोर्ट में डिफॉल्ट बेल Default Bail) के लिए याचिका दायर की गई जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.
क्या है आरोप
विनय चौबे पर पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में शराब नीति लागू करने के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) इस मामले की जांच कर रही है. पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियां उनकी संपत्तियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही हैं. BNS की धारा 187(3) के प्रावधानों के तहत यदि जांच एजेंसी निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाती है, तो आरोपी को डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल जाता है.
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क्या कहा याचिका में
विनय चौबे की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि हिरासत में रखने की एक निश्चित अवधि होती है, और चार्जशीट में देरी आरोपी को जमानत का हकदार बनाती है. एसीबी कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें डिफॉल्ट बेल दे दी है. इससे पहले शराब घोटाला केस में भी विनय चौबे के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण उन्हें डिफॉल्ट बेल मिल गई थी. इस संबंध में एसीबी ने कांड संख्या 20/2025 दर्ज की है.
