सरायकेला: जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन उपाध्यक्ष और उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया. इस बैठक में जिले के सभी प्रमुख अधिकारी, अंचलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए. बैठक का मुख्य मकसद जिले में लंबित आपदा मामलों की समीक्षा करना और प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर सुनिश्चित करना था.

प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े मामले सामने आए
बैठक में अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार ने जिले में हुई विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए. इसमें सड़क दुर्घटना के 20 मामले, पानी में डूबने के 4 मामले, अतिवृष्टि से 126 मामले, अतिवृष्टि से मृत्यु के 3 मामले, सर्पदंश से 1 मृत्यु और वज्रपात से 2 मौतें शामिल थीं. सभी आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज भी संलग्न थे.
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अनुग्रह अनुदान जल्द देने के निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नियमानुसार मृतक के आश्रितों और प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान राशि समय पर दी जाए. सभी अंचलाधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को कहा गया कि लंबित मामलों की प्रक्रिया जल्द पूरी कर सत्यापन के बाद जिला समिति के सामने पेश करें, ताकि प्रभावित परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें.
आवेदन प्रक्रिया में कोई कमी न हो
उपायुक्त ने कहा कि आपदा से जुड़े सभी आवेदन एक सप्ताह के अंदर पूरी तरह से निपटाए जाएं. यदि किसी आवेदन में दस्तावेज अधूरे हैं तो संबंधित आवेदकों को मदद करके पूरे कराएं. इसका मकसद है कि पात्र परिवारों को एक महीने के भीतर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.
पंचायत स्तर पर जागरूकता और प्रचार-प्रसार
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन योजनाओं का प्रचार-प्रसार पंचायत स्तर तक सुनिश्चित किया जाए. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में “आपदा के समय क्या करें और क्या न करें” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि लोग समय पर सुरक्षित कदम उठा सकें.

