जल संकट पर मंथन, गिरिडीह में कार्यशाला के जरिए जल संरक्षण का संदेश

गिरिडीह: विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को गिरिडीह नगर भवन में एक विस्तृत कार्यशाला सह सम्मान समारोह का आयोजन किया...

गिरिडीह: विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को गिरिडीह नगर भवन में एक विस्तृत कार्यशाला सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना, जल संकट के प्रति लोगों को सचेत करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर चल रहे प्रयासों को मजबूती देना था.

कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख लोग

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू, उपायुक्त रामनिवास यादव, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मिता कुमारी, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव सहित पीएचईडी विभाग के दोनों कार्यपालक अभियंता और कई अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जलसहियाएं और स्थानीय लोग भी शामिल हुए.

मंत्री का संबोधन और चेतावनी

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू ने जल संरक्षण को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर हो सकता है.

उन्होंने पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी में जलसहियाओं की भूमिका बेहद अहम है, लेकिन विभाग अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर देता है.

Also Read: भूकंपीय जोखिम की चपेट में झारखंड के चार जिले, सेफ जोन में रांची

जलसहियाओं की सराहना और निर्देश

मंत्री ने जलसहियाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं. “जलसहियाएं घर की दहलीज पार कर गांव-गांव में लोगों को पानी के प्रति जागरूक कर रही हैं, यह बेहद सराहनीय है,” उन्होंने कहा. साथ ही उन्होंने संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंच सके.

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अपील

इस दौरान बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पानी की बर्बादी रोकें और वर्षा जल संचयन जैसे उपाय अपनाएं. वहीं उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिले में चल रही पेयजल योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर गांव और हर घर तक साफ पानी पहुंचे.

विशेषज्ञों की राय और चर्चा के मुद्दे

कार्यशाला में जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर को बनाए रखना, जल स्रोतों की सुरक्षा और जल के सही उपयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही जल संकट का समाधान संभव है.

जलसहियाओं का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में पीएचईडी विभाग की दोनों एजेंसियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली जलसहियाओं को सम्मानित किया गया. उन्हें प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर उनके योगदान की सराहना की गई. इस सम्मान से जलसहियाओं का मनोबल बढ़ा और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिली कि वे जल संरक्षण की दिशा में आगे आएं.

कार्यक्रम का संदेश

इस तरह यह कार्यशाला न सिर्फ जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि जल संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी दे गई.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *