रांची: दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने तत्परता दिखाते हुए रेल संपत्ति की चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के कुशल निर्देश में की गई इस कार्रवाई में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक किशोर को हिरासत में लिया गया है.

PRS कार्यालय में चोरी के प्रयास से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 16 मार्च को हुई, जब रांची स्थित पीआरएस कार्यालय से सूचना मिली कि 15 और 16 मार्च की रात रेलवे कोर्ट के समीप स्थित पीआरएस भवन की खिड़की तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया है. इस घटना के बाद आरपीएफ पोस्ट रांची में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई.
गुप्त सूचना पर गठित हुई संयुक्त टीम
गुप्त सूचना और तकनीकी सेल की मदद से 17 मार्च को निरीक्षक रांची के नेतृत्व में आरपीएफ पोस्ट और अपराध शाखा की एक संयुक्त टीम गठित की गई. टीम ने उत्तर रेलवे कॉलोनी स्थित एक रेलवे क्वार्टर की घेराबंदी की.
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केबल काटते हुए रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां पांच लोगों को रेलवे के विद्युत केबल काटते और उनका इंसुलेशन हटाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. मौके से पुलिस ने चोरी की गई केबल के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए.
चुटिया क्षेत्र के रहने वाले हैं सभी आरोपी
पकड़े गए सभी आरोपी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिनमें साहिल कच्छप (21 वर्ष), कृष्णा मुंडा (21 वर्ष), अनुज टोप्पो (24 वर्ष) और लव मुंडा (24 वर्ष) शामिल हैं. इसके अलावा, एक 16 वर्षीय किशोर को भी संरक्षण में लिया गया है.
पूछताछ में कबूला जुर्म, कई वारदातों का खुलासा
आरपीएफ की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने न केवल पीआरएस भवन में चोरी की कोशिश की थी, बल्कि रेलवे के पंप हाउस का ताला तोड़कर भारी मात्रा में केबल की चोरी भी की थी.

