NEWS DESK: भारतीय रेलवे ने 1 अप्रैल 2026 से टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देशों के मुताबिक अब यात्रियों को अपनी छोटी सी लापरवाही के लिए ज्यादा सावधान रहना होगा. नई समय सीमाओं के चलते रिफंड कम या शून्य हो सकता है.
कैंसिलेशन के समय में बदलाव
पहले ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलता था. अब यह समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है. इसका मतलब है कि यदि आपकी ट्रेन शाम 6 बजे है तो सुबह 10 बजे तक टिकट कैंसिल करने का निर्णय लेना अनिवार्य होगा. यदि टिकट 8 घंटे से कम समय में कैंसिल किया गया तो यात्रियों को रिफंड नहीं मिलेगा. चाहे टिकट फर्स्ट एसी की हो या स्लीपर की.
कितने समय पहले टिकट कैंसिल करने पर कितना मिलेगा रिफंड
72 घंटे से अधिक पहले: अगर टिकट यात्रा से 3 दिन (72 घंटे) पहले कैंसिल किया जाए तो 100% रिफंड मिलेगा. हालांकि बेसिक कैंसिलेशन चार्ज (60 या 120 रुपये) अभी भी कटेंगे.
24 से 72 घंटे पहले: 1 से 3 दिन पहले टिकट कैंसिल करने पर 75% रिफंड मिलेगा. यानी रेलवे कुल राशि का 25% काट लेगा.
8 से 24 घंटे पहले: इस अवधि में कैंसिलेशन पर केवल 50% रिफंड मिलेगा.
8 घंटे से कम समय: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले कैंसिल होने पर रिफंड शून्य होगा.
रेलवे का तर्क
रेलवे का कहना है कि आखिरी समय में टिकट कैंसिल होने से सीटें खाली रह जाती हैं. इससे वेटिंग लिस्ट में बैठे यात्रियों को नुकसान होता है. 8 घंटे की नई समय सीमा से रेलवे को वेटिंग यात्रियों को सीट अलॉट करने का पर्याप्त समय मिलेगा.
हालांकि आम यात्रियों के लिए यह नियम थोड़े सख्त हो सकते हैं. खासकर उन लोगों के लिए जो अचानक इमरजेंसी में यात्रा बदलते हैं.
