विनीत आभा उपाध्याय

रांची: झारखंड शराब घोटाला की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. अब तक की जांच में जहां पूर्व उत्पाद सचिव आईएएस मनोज कुमार पर ओवर प्राइसिंग के जरिए अवैध कमाई और उसे बाहर निवेश करने के आरोप लगे हैं, वहीं अब उनसे पहले उत्पाद विभाग का जिम्मा संभाल चुके एक आईएएस का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ट्रांसफर और पोस्टिंग के बदले लाखों रुपये की उगाही की.
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रिमांड बयान में बड़े खुलासे.
उत्पाद विभाग को मैन पावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी नीरज सिंह ने रांची एसीबी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह के आदेश पर रिमांड के दौरान दिए बयान में कई अहम बातें कबूल की हैं. बयान के अनुसार, विजन कंपनी के बिल भुगतान के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये लिए गए. साथ ही शिव कुमार साहू को चतरा से हजारीबाग और सुजीत कुमार को कोडरमा से चतरा में उत्पाद अधीक्षक पद पर पोस्टिंग देने के एवज में 40 लाख रुपये लेने का आरोप है.
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बकाया बिल भुगतान में भी कथित वसूली.
बयान में यह भी सामने आया है कि विजन कंपनी के लंबित बिलों के भुगतान के लिए 35 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि ली गई. इन खुलासों के बाद जांच एजेंसियां पूरे मामले की परत दर परत जांच में जुटी हैं. मामले में आगे और भी बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
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