US-ईरान तनाव के बीच सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस: भारत में ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं

दिल्ली/ रांची: US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रेस...

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दिल्ली/ रांची: US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और आम लोगों को किसी भी तरह की घबराहट में आकर गैस सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है. सरकार ने बताया कि भारत फिलहाल लगभग 40 देशों से कच्चे तेल का आयात कर रहा है और आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत भी सक्रिय कर दिए गए हैं. इससे ऊर्जा आपूर्ति पर किसी तरह का बड़ा असर नहीं पड़ेगा। देश की रिफाइनरियां भी 100 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनी हुई है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई सुरक्षित है और जरूरत पड़ने पर कमर्शियल गैस को डायवर्ट करके घरेलू उपयोग के लिए प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का कहना है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को एलपीजी की सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी.

सिलेंडर की लागत बढ़ने का अतिरिक्त बोझ सरकार खुद वहन कर रही है:

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलेंडर की लागत बढ़ने का अतिरिक्त बोझ सरकार खुद वहन कर रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं पर असर कम पड़े. इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला भी किया गया है.
सरकार के अनुसार, देश में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं और एलपीजी उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराकर गैस सिलेंडर की अतिरिक्त बुकिंग न करें. सामान्य परिस्थितियों में बुकिंग के बाद ढाई दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा.

बंदरगाहों पर सभी ऑपरेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं:

सरकार ने यह भी बताया कि बंदरगाहों पर सभी ऑपरेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं और एलएनजी के दो बड़े कार्गो जल्द भारत पहुंचने वाले हैं. इसके साथ ही सरकार राज्यों को एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने के निर्देश दे चुकी है. विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारतीय दूतावास खाड़ी देशों में लगातार संपर्क में हैं और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को अफवाहों या डर के माहौल से बचते हुए सामान्य तरीके से गैस की बुकिंग और उपयोग करना चाहिए.

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