रामनवमी पर अंजन गांव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, हनुमान जन्मस्थली में दर्शन के लिए लंबी कतारें

गुमला: “राम को पाना है तो हनुमान को ढूंढ लीजिए” — इसी आस्था के साथ रामनवमी के पावन अवसर पर गुमला जिले...

गुमला: “राम को पाना है तो हनुमान को ढूंढ लीजिए” — इसी आस्था के साथ रामनवमी के पावन अवसर पर गुमला जिले के अंजन गांव में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. हनुमान जी की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध इस स्थल पर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. पहाड़ों के ऊपर स्थित मंदिर में माता अंजनी की गोद में विराजमान बाल स्वरूप हनुमान जी के दर्शन के लिए लोग परिवार सहित पहुंचे.

पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा है अंजनधाम

गुमला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव को लेकर मान्यता है कि यहीं पहाड़ की गुफा में माता अंजनी ने हनुमान जी को जन्म दिया था. स्थानीय साहित्यकार अजय किशोर नाथ पांडे के अनुसार, यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में आज भी 365 महुआ के पेड़, 365 तालाब और 365 शिवलिंग मौजूद हैं. मान्यता है कि माता अंजनी प्रतिदिन अलग-अलग तालाब में स्नान कर महुआ की दातून से दातून करती थीं और अलग-अलग शिवलिंग पर जलाभिषेक करती थीं.

Also Read: रांची: चोरी के आभूषणों के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तार

हर मंगलवार उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

रामनवमी के अलावा भी यहां हर मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस स्थान पर पहुंचकर अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है. खासकर उरांव समाज के लोग खाली पांव और हाथ में झंडा लेकर यहां आते हैं और हनुमान जी के बाल स्वरूप के समीप झंडा स्थापित कर अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करते हैं.

महोत्सव की तैयारी, विकास की जरूरत

रामनवमी के अवसर पर यहां भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसकी तैयारी एक महीने पहले से शुरू हो जाती है. अजय किशोर नाथ पांडे ने राज्य सरकार से इस स्थल पर विशेष महोत्सव आयोजित करने की मांग की है, ताकि अंजनधाम को और पहचान मिल सके. उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा कुछ कार्य किए गए हैं, लेकिन बड़े स्तर पर विकास की अभी भी जरूरत है.

प्रशासन की पहल से बढ़ी आस्था

उन्होंने यह भी बताया कि पहले सड़क और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण यहां पहुंचना मुश्किल था, लेकिन अब प्रशासनिक प्रयासों से स्थिति में सुधार हुआ है. यही कारण है कि पहले की तुलना में अब अधिक संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *