Ranchi: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को रांची के बिरसा मुंडा फन पार्क में आयोजित ‘श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशान्ति महायज्ञ’ में शिरकत की. श्री दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में राज्यपाल ने महावीर जयंती और मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के दीक्षा दिवस के शुभ अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.
ये भी पढ़ें : जिला प्रशासन ने आपदा पीड़ितों के बीच किए 01 करोड़ 57 लाख रूपए मुआवजा वितरण
अहिंसा और सत्य के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक : संतोष गंगवार
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन और उनके उपदेश किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा के सिद्धांत एक शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए आज भी उतने ही अनिवार्य हैं जितने सदियों पहले थे. महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का मूल मंत्र वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान की भावना को मजबूती प्रदान करता है.
ये भी पढ़ें : बिहार: नीतीश कुमार ने एमएलसी पद से दिया इस्तीफा, सीएम पद पर भी अटकलें तेज
“आध्यात्मिक चेतना और विश्व शांति का पवित्र संगम”
राज्यपाल ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए इसे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक परंपरा का संगम बताया. उन्होंने मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के तप और साधना की महिमा करते हुए कहा कि उनका अनुशासित जीवन समाज के लिए आत्मसंयम का अनुपम उदाहरण है. मुनि श्री अपने प्रवचनों के माध्यम से जैन दर्शन के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाकर समाज का कल्याण कर रहे हैं.
नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान
राज्यपाल ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे भगवान महावीर के आदर्शों को केवल सुनें नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी उतारें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों को बल मिलता है और लोगों को आत्मचिंतन की प्रेरणा मिलती है, जिससे अंततः विश्व में शांति और सद्भाव स्थापित होगा.
