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चांडिल नीमडीह में सैकड़ों साल पुराने कालमेट को रोकने पर आपत्ति

सरायकेला: चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के स्टेशन बस्ती क्षेत्र में, टाटा–पुरुलिया मुख्य राज्यमार्ग (पुराना NH-32 से लगभग 500 मीटर पूर्व) स्थित...

Kalmate in Chandil
चांडिल नीमडीह में सैकड़ों साल पुराने कालमेट को रोकने पर आपत्ति

सरायकेला: चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के स्टेशन बस्ती क्षेत्र में, टाटा–पुरुलिया मुख्य राज्यमार्ग (पुराना NH-32 से लगभग 500 मीटर पूर्व) स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना कालमेट पूरे क्षेत्र के लिए जल निकासी का एकमात्र साधन है. यह कालमेट घनी आबादी वाले स्टेशन बस्ती क्षेत्र, दक्षिण पूर्वी रेलवे चांडिल स्टेशन एवं यार्ड, तथा पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी की निकासी का मुख्य मार्ग है.

इस अत्यंत महत्वपूर्ण जल निकासी मार्ग को कुछ व्यक्तियों द्वारा घर निर्माण कर अवरुद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके विरोध में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा महामहिम राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौंपा गया है. इसकी प्रतिलिपि जिला उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) तथा नीमडीह अंचल पदाधिकारी (CO) को भी प्रेषित की गई है.

ख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत कराई गई थी दर्ज

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी संबंधित व्यक्तियों द्वारा कालमेट को मिट्टी डालकर बंद करने का प्रयास किया गया था. इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी की उपस्थिति में जेसीबी के माध्यम से मिट्टी हटाकर जल निकासी मार्ग को पुनः चालू कराया गया था.

5 फीट स्थान जल निकासी के लिए छोड़ने की मांग

इसके बावजूद, पुनः तीन भूमि धारकों रामईश्वर शर्मा उर्फ शंकर शर्मा, मलय कुमार चक्रवर्ति और शिबु माहतो द्वारा कालमेट को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है. इनमें से केवल मलय कुमार चक्रवर्ति ने यह सहमति जताई है कि यदि अन्य लोग भी अपना निर्माण हटाएं, तो वे अपनी दीवार हटाने को तैयार हैं. वहीं, ग्रामीणों द्वारा विरोध जताते हुए अनुरोध किया गया कि कम से कम 5 फीट स्थान जल निकासी के लिए छोड़ा जाए, ताकि बरसात के समय जलभराव से बचा जा सके. लेकिन संबंधित व्यक्तियों द्वारा इस मांग को अस्वीकार कर दिया गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस कालमेट को अवरुद्ध किया गया, तो पूरे चांडिल स्टेशन बस्ती क्षेत्र में बरसात के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होगी, जिससे घरों में पानी घुसने और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा है. अतः ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है, कि इस षड्यंत्र को तत्काल रोका जाए तथा अवैध निर्माण कार्य पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र को संभावित जल संकट और नुकसान से बचाया जा सके.

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