साहिबगंज: जिले के बरहेट, बरहरवा, पतना, साहिबगंज, राजमहल, बोरियो, तालझारी, उधवा और मंडरो इलाकों में प्रतिदिन सीएनजी से संचालित ऑटो अब एलपीजी भरकर यात्रा कर रहे हैं. सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सीएनजी ऑटो एलपीजी के लिए उपयुक्त नहीं हैं, बल्कि यह बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है.
नियमों के खिलाफ हो रहा उपयोग
सीएनजी गैस से तीन पहिया से लेकर बड़े वाहन तक चलते हैं. हालांकि साहिबगंज और पाकुड़ जैसे शहरों में हजारों की संख्या में सीएनजी ऑटो सड़कों पर चल रहे हैं. वहीं सीएनजी गैस स्टेशन देवघर, गोड्डा और दुमका में उपलब्ध हैं. इसके बावजूद साहिबगंज और पाकुड़ जिले में चल रहे अधिकांश सीएनजी ऑटो में घरेलू एलपीजी गैस का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है.
ब्लास्ट और आग का खतरा
सीएनजी ऑटो वाहनों में एलपीजी गैस भरकर लंबी दूरी तय करना बेहद घातक हो सकता है. जागरूकता के अभाव में ऑटो चालक इसके खतरों को नजरअंदाज कर रहे हैं. सीएनजी किट लगे वाहनों में एलपीजी गैस उपयोग करने से सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है और ब्लास्ट या आग लगने की संभावना बढ़ जाती है.
परिवहन विभाग पर उठे सवाल
जिले में सीएनजी गैस स्टेशन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में सीएनजी ऑटो का रजिस्ट्रेशन होना सवाल खड़े करता है. ऐसे में परिवहन विभाग की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं.
अवैध रिफिलिंग का खेल
जिले में इन दिनों अवैध रूप से एलपीजी गैस की रिफिलिंग कर सीएनजी ऑटो में उपयोग किया जा रहा है. बाजारों और चौक-चौराहों पर ऊंची कीमत पर एलपीजी गैस सिलेंडर बेचे जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार 150 से 250 रुपये प्रति किलो तक गैस की बिक्री हो रही है.
CNG स्टेशन की कमी बनी बड़ी वजह
साहिबगंज और पाकुड़ जिले में अब तक सीएनजी स्टेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसके कारण ऑटो चालकों को मजबूरी में एलपीजी गैस का सहारा लेना पड़ रहा है. हालांकि यह परिवहन नियमों के विरुद्ध है और इससे न केवल वाहन को नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है.
हादसे का बढ़ता खतरा
सड़कों पर इस तरह से चल रहे ऑटो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं.
