रांची: अवकाश के बाद आज (सोमवार) जैसे ही झारखंड विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, सदन के बाहर का नजारा काफी तल्ख दिखा. विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विधायक रोशन चौधरी और निर्मल महतो विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और भ्रष्टाचार व नौकरशाही के बेलगाम होने के गंभीर आरोप लगाए.

बड़कागांव में कोयला माफिया का राज
बड़कागांव से विधायक रोशन चौधरी ने क्षेत्र में हो रहे अवैध कोयला उत्खनन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. धरने पर बैठे चौधरी ने आरोप लगाया कि बड़कागांव में बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध धंधा चल रहा है. इस वर्चस्व की जंग में अब तक कई निर्दोष लोगों की हत्या हो चुकी है. स्थानीय प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है.
उन्होंने मांग की कि इन हत्याओं और अवैध खनन के पीछे के सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए.
गिरिडीह डीसी को बर्खास्त करने की मांग
वहीं मांडू विधायक निर्मल महतो ने गिरिडीह की डीसी पर निशाना साधा. उन्होंने कल (8 मार्च) मनाए गए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का हवाला देते हुए कहा कि जहां पूरी दुनिया महिलाओं के सम्मान के कसीदे पढ़ रही थी, वहीं गिरिडीह डीसी ने महिलाओं का अपमान किया है. निर्मल महतो ने कहा कि एक महिला अधिकारी द्वारा महिलाओं का इस तरह अपमान करना निंदनीय है. ऐसी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए.

