रांची: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो राज्य के गरीबों के आंसुओं को पोंछने और राज्यवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला बताया गया है. उन्होंने कहा कि बहुप्रतीक्षित पेसा नियम को लागू किया गया है.

क्या है बजट में

- नगर निकायों को राशि का हस्तांतरण.
- कृषि क्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत 50.4%.
- 5 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों के निर्माण का निर्णय.
- 100 नए उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन.
- महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान.
- केंद्रांश मद में 18 हजार 273 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- विकास की राह में अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को आगे लाने का प्रयास.
- विकास दर 10.03 प्रतिशत रहने का अनुमान.
- 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,58,560 करोड़ रुपये का सकल बजट अनुमान.
- राजस्व व्यय के लिए 1,20,851.90 करोड़ रुपये प्रस्तावित.
- पूंजीगत व्यय के लिए 37,708.10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव.
- सामाजिक क्षेत्र के लिए 67,459.54 करोड़ रुपये का बजट.
- आर्थिक क्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ रुपये का बजट.
- बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय, वितरण एवं फसल विस्तार योजना के लिए 145 करोड़ रुपये.
- मृदा एवं जल संरक्षण के लिए 475 करोड़ 50 लाख रुपये.
- सौर ऊर्जा चालित सिंचाई इकाइयों के लिए 75 करोड़ रुपये.
- कृषि यंत्र वितरण योजना के लिए 80 करोड़ रुपये.
- मिलेट मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये.
- नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना के लिए 19 करोड़ 88 लाख रुपये.
- उद्यानिकी क्षेत्र के लिए 245 करोड़ 80 लाख रुपये.
- पशुपालन एवं गव्य विकास के लिए 481 करोड़ 35 लाख रुपये.
- बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये.
- सहकारी विपणन परिसर-सह-सौर पैनल आधारित शीतगृह निर्माण के लिए 162 करोड़ 20 लाख 90 हजार रुपये.
- मत्स्य पालन के लिए 106 करोड़ रुपये.
- पलाश मार्ट के लिए 66 करोड़ रुपये.
- महिला किसान सशक्तिकरण के लिए 70 करोड़ रुपये.
- वृहद् एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के लिए 121 करोड़ रुपये.
- लघु सिंचाई क्षेत्र के लिए 215 करोड़ रुपये.
- जल संसाधन विभाग के लिए 2 हजार 714 करोड़ 71 लाख रुपये.
