रांची: हेमंत सरकार प्रदेश की जेलों की तस्वीर बदलने और कैदियों की बढ़ती संख्या के दबाव को कम करने के लिए एक व्यापक सुधार योजना पर काम कर रही है. राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए जेल सुधार का एक रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत बुनियादी ढांचे से लेकर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक को पूरी तरह हाई-टेक बनाया जाएगा. इस पूरी परियोजना के लिए योजना मद में करीब 120 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.
पांच जिलों में बनेंगी नई जेलें:
जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की समस्या को हल करने के लिए सरकार ने देवघर, लातेहार, गोड्डा, पाकुड़ और चतरा में नई जेलों के निर्माण का निर्णय लिया है. इसी वर्ष इन पांचों जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
नई जेलों के बनने से मौजूदा जेलों पर बोझ कम होगा और कैदियों के मानवाधिकारों व उनके प्रबंधन में सुधार आएगा.
बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण और होगा विस्तार:
मौजूदा जेलों की स्थिति सुधारने के लिए मरम्मत और नए निर्माण कार्यों पर जोर दिया जा रहा है. भीड़भाड़ कम करने के लिए जेलों में नए बंदी वार्डों का निर्माण किया जाएगा. जेलों की चारदीवारी को मजबूत बनाया जाएगा और पुराने भवनों की मरम्मत होगी. कैदियों के लिए आधुनिक रसोईघर, बेहतर शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
आधुनिकीकरण और डिजिटल तकनीक:
जेलों को केवल बंदी गृह न बनाकर उन्हें सुधार गृह के रूप में विकसित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. जेलों में इंटरेक्टिव एलईडी डिस्प्ले, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे कैदियों के कौशल विकास और मनोरंजन में मदद मिलेगी.जेलों में कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए नई नियुक्तियों और पदों के सृजन का प्रस्ताव भी इस योजना का हिस्सा है.
