रांची: झारखंड राज्य ओपन यूनिवर्सिटी में सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने विश्वविद्यालय में सामने आई अनियमितताओं और प्रक्रियागत खामियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर सख्त कार्रवाई की है.
29 पदों का पैनल रद्द, बहाली प्रक्रिया पर रोक
राजभवन ने शिक्षकेतर कर्मियों के 29 पदों के लिए तैयार पैनल को पूरी तरह रद्द कर दिया है. साथ ही शिक्षकों और पदाधिकारियों की जारी बहाली प्रक्रिया पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. इस फैसले से पूर्व कुलपति के कार्यकाल में लिए गए नियुक्ति संबंधी निर्णयों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार, यह नियुक्ति प्रक्रिया वर्ष 2024 में तत्कालीन कुलपति डॉ. टी.एन. साहू के कार्यकाल में शुरू की गई थी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बहाली के लिए एक निजी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसने लिखित परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट का आयोजन किया था. हालांकि, अंतिम चयन के लिए अभ्यर्थियों का पैनल जैसे ही राजभवन पहुंचा, वहां हुई गहन जांच में कई गंभीर अनियमितताएं और तकनीकी त्रुटियां उजागर हुईं.
इसके बाद राजभवन ने पूरी प्रक्रिया को निरस्त करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि नियुक्तियों में पारदर्शिता और नियमों से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
