खूंटी:जिले के कर्रा थाना क्षेत्र के तिमड़ा गांव में हुए चर्चित सुकरा महतो हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. इस सनसनीखेज वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि जमीन के लालच में गोतिया पक्ष ने अंजाम दिया था. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए शूटर समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जिनमें विकास महतो, बिनोद महतो, रामप्रसाद महतो उर्फ छोटू, सिकंदर महतो उर्फ सचिन और रामू महतो शामिल है.

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक देसी कट्टा और एक मोटरसाइकिल भी जंगल से बरामद कर ली है. उल्लेखनीय है कि बीती छः मार्च की रात सुकरा महतो पर उस वक्त हमला किया गया जब वे अपने घर पर थे. अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सुकरा महतो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल पुत्र का इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी.
हत्याकांड की मुख्य वजह, 17 एकड़ जमीन और कोर्ट का फैसला
एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरी वारदात की जड़ में जमीन विवाद था. मृतक सुकरा महतो के ससुर का कोई बेटा नहीं था. उन्होंने अपनी लगभग 17 एकड़ की पैतृक जमीन अपनी दो बेटियों के नाम कर दी थी. सुकरा महतो की पत्नी उनमें से एक हिस्सेदार थीं. जमीन बेटियों को दिए जाने से परिवार के गोतिया पक्ष के लोग काफी समय से आक्रोशित थे. मामला स्थानीय अदालत तक पहुंचा.
हाल ही में कोर्ट ने इस जमीन विवाद पर फैसला सुनाया, जो सुकरा महतो और उनके परिवार के पक्ष में रहा. एसपी के अनुसार, कानूनी लड़ाई हारने के बाद आरोपियों की रंजिश और बढ़ गई. उन्होंने सुकरा महतो को रास्ते से हटाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी.

