रांची: आदिवासी छात्र संघ (ACS) की DSPMU इकाई के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मनोहर को ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न विभागों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया.
कई विभागों में मात्र 2-3 शिक्षक ही कार्यरत
विवेक तिर्की ने बताया कि कुड़ुख, हो, खरिया, खोरठा, कुरमाली, मुंडारी, नागपुरी, पीपीजी और संथाली जैसे विभागों में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर को मिलाकर मात्र 2-3 शिक्षक ही कार्यरत हैं. इतने कम शिक्षकों के कारण नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है.
बार-बार उठाने के बावजूद नहीं हुई पहल
उन्होंने कहा कि यह समस्या छात्रों द्वारा कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति और कक्षाओं की मांग
ACS ने मांग की है कि सभी संबंधित विभागों में पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाए और स्थायी व योग्य शिक्षकों की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए.
बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी जताई चिंता
विवेक तिर्की ने जनजाति एवं क्षेत्रीय विभाग (TRL) सहित अन्य विभागों में आधारभूत सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया.
आंदोलन की दी चेतावनी
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही कक्षाओं, शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो ACS आंदोलन के लिए बाध्य होगा.
समर्थन के साथ संघर्ष जारी रखने की बात
संघ ने छात्रों के व्यापक समर्थन के साथ अपने संघर्ष को जारी रखने की प्रतिबद्धता भी जताई.
कई लोग रहे मौजूद
इस मौके पर ACS के अजीत महतो, कांके क्षेत्र के विधायक के निजी सहायक उमेश गोप, कई पत्रकार और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.
