जन समस्याओं को लेकर फिर मुखर हुए विधायक आलोक चौरसिया, जल जीवन मिशन की विफलता पर उठाए सवाल

Ranchi/Palamu : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 11 मार्च को पलामू और गढ़वा जिले सहित पूरे राज्य में जल...

Ranchi/Palamu : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 11 मार्च को पलामू और गढ़वा जिले सहित पूरे राज्य में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा. डालटनगंज-भंडारिया विधानसभा के विधायक आलोक चौरसिया ने सदन की कार्यवाही के दौरान गढ़वा जिले के बड़गड़ प्रखंड में पेयजल आपूर्ति की चरमराई व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान खींचा. आलोक चौरसिया ने पानी की इस गंभीर समस्या को सदन के पटल पर रखा.

जल मीनार सफेद हाथी साबित हुआ : आलोक चौरसिया

विधायक आलोक चौरसिया ने सदन में यह बात मजबूती से रखी कि केंद्र और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में घोर लापरवाही बरती जा रही है. इसके कारण ग्रामीण आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. विशेष रूप से बड़गड़ प्रखंड के विभिन्न गांवों में जल जीवन मिशन के तहत लाखों-करोड़ों की लागत से बनी जल मीनारें वर्तमान में सफेद हाथी साबित हो रही हैं. उन्होंने सरकार को अवगत कराया कि इन जलमीनारों का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन सही संचालन और नियमित रख-रखाव के अभाव में पाइपलाइनों से घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. कई स्थानों पर तकनीकी खराबियों और प्रशासनिक शिथिलता की वजह से जलापूर्ति व्यवस्था ठप पड़ी है. ‘हर घर नल से जल’ का सपना केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है.

योजना की समीक्षा करे राज्य सरकार : आलोक चौरसिया

जनता की इस बुनियादी समस्या को सदन के समक्ष रखते हुए विधायक आलोक चौरसिया ने मांग की, कि सरकार अविलंब बड़गड़ सहित पूरे प्रमंडल में बंद पड़ी जल योजनाओं की समीक्षा करे. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल ढांचा खड़ा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को नियमित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और खराब पड़ी मशीनों की तत्काल मरम्मत कराकर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की ताकि आने वाली भीषण गर्मी से पहले ग्रामीणों को इस विकराल समस्या से निजात मिल सके.

आमलोगों में जगा भरोसा

सदन में विधायक आलोक चौरसिया ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस जनहित के मुद्दे पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की जाए. यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और ग्रामीणों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. विधायक आलोक चौरसिया द्वारा सदन में उठाए गए इस कदम की क्षेत्र में काफी चर्चा है. जनता को उम्मीद है कि अब जल्द ही उन्हें पेयजल संकट से राहत मिलेगी.

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