रांची: झारखंड में उद्योग और तकनीकी शिक्षा को एक साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम के बीच एक अहम एमओयू (समझौता) पर हस्ताक्षर किया गया है. इस समझौते का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को सीधे उद्योगों की जरूरतों से जोड़ना है. इस पहल से क्लासरूम की पढ़ाई और इंडस्ट्री के वास्तविक अनुभव के बीच की दूरी कम होगी. अब छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा.

छात्रों को मिलेंगे बेहतर प्लेसमेंट के अवसर
एमओयू के तहत टूल रूम के छात्रों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल विजिट और बेहतर प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे. इससे युवाओं को पढ़ाई के बाद नौकरी पाने में आसानी होगी और वे इंडस्ट्री-रेडी बन सकेंगे. वहीं, व्यापारियों और उद्यमियों को प्रशिक्षित तकनीकी मैनपावर, तकनीकी कंसल्टेंसी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सपोर्ट और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी और राज्य के औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी.
दोनों संस्थान मिलकर स्किल गैप एनालिसिस, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग मॉड्यूल और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल प्रैक्टिस पर भी काम करेंगे, ताकि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें.
युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे- चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यह समझौता झारखंड के उद्योग और स्किल डेवलपमेंट के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे.
वहीं, उप समिति चेयरमैन आलोक कुमार और प्रियंक भगत ने कहा कि यह साझेदारी राज्य को फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स देने में अहम भूमिका निभाएगी.
इस अवसर पर टूल रूम के प्रिंसिपल सह प्रबंध निदेशक (इंचार्ज) एमके गुप्ता, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर आशुतोष मिश्रा, एचओडी ट्रेनिंग मंगल टोप्पो, चैम्बर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल और सदस्य भानु कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे.
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