News Desk: 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो रही है, और इस बार कई अहम बदलाव लागू किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि आज से नया इनकम टैक्स सिस्टम प्रभावी हो रहा है. इसके अलावा टैक्स और UPI समेत कई नियमों में भी बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों के खर्च और बचत पर पड़ने वाला है.
आइए समझते हैं कि 1 अप्रैल से इनकम टैक्स से लेकर एलपीजी तक कौन-कौन से नियमों में बदलाव हुए हैं.
क्या-क्या बदला?
- संशोधित रिटर्न (Revised Return) से जुड़ी राहत
- ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख में बदलाव
- असेसमेंट ईयर की जगह अब टैक्स ईयर का उपयोग
- TCS नियमों में संशोधन
- कुछ मामलों में TDS से छूट
- TAN से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव
- पेंशन पर मिलने वाली राहत
- छूट (Exemption) की सीमा में बढ़ोतरी
- UPI लेनदेन से जुड़े नए नियम
- पैन कार्ड से संबंधित नए प्रावधान
- शेयर बाजार के नियमों में बदलाव
- ट्रेन टिकट कैंसिलेशन नियम अपडेट
- RBI रेपो रेट को लेकर संभावित असर
- LPG कीमतों में बदलाव की संभावना
- SGB (सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड) पर टैक्स नियम
- रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख में राहत
अब टैक्सपेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए अधिक समय मिलेगा. बिना पेनल्टी के रिटर्न 31 दिसंबर तक दाखिल किया जा सकता है, जबकि इसके बाद 31 मार्च तक पेनल्टी के साथ रिवाइज्ड रिटर्न जमा करने की सुविधा रहेगी.
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन में बदलाव
नॉन-ऑडिट कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए राहत की खबर है. ITR-3 और ITR-4 फाइल करने वालों को अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा वहीं, ITR-1 और ITR-2 के तहत रिटर्न भरने वाले टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख पहले की तरह 31 जुलाई ही रहेगी.
- Assessment Year की जगह अब Tax Year
अब ITR फाइलिंग के दौरान पहले दिखने वाला Assessment Year हटाकर उसकी जगह Tax Year का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया को और आसान बनाने की कोशिश की गई है.
- TCS और TDS नियमों में बदलाव
LRS (Liberalised Remittance Scheme)के तहत शिक्षा और इलाज के लिए 10 लाख रुपये से अधिक के विदेश प्रेषण पर TCS की दर घटाकर 5% से 2% कर दी गई है इसी तरह विदेशी टूर पैकेज पर भी TCS अब 2% लगेगा। हालांकि, अन्य प्रकार के प्रेषणों पर TCS की दर 20% ही बनी रहेगी.
- इन मामलों में नहीं लगेगा TDS
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के तहत मिलने वाले मुआवजे में देरी होने पर जो ब्याज दिया जाता है, उस पर अब TDS नहीं काटा जाएगा. इसके अलावा, कर्मचारियों को ऑफिस आने-जाने के लिए मिलने वाले ट्रैवल रीइंबर्समेंट पर भी TDS लागू नहीं होगा.
- TAN की अनिवार्यता खत्म
अब गैर-निवासियों के लिए संपत्ति खरीद से जुड़े टैक्स भुगतान में TAN की जरूरत नहीं होगी. 1 अप्रैल से वे PAN-आधारित चालान के जरिए सीधे TDS जमा कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया पहले से आसान हो जाएगी
- पेंशन पर टैक्स छूट में बदलाव
अब आर्म्ड फोर्स की पेंशन पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं रहेगी. 1 अप्रैल से टैक्स छूट केवल उन कर्मियों को मिलेगी, जिन्होंने शारीरिक अक्षमता के कारण सेवा छोड़ी है.
- Exemption लिमिट में बढ़ोतरी
शिक्षा से जुड़े खर्चों पर मिलने वाली छूट बढ़ा दी गई है. अब प्रति छात्र एजुकेशन अलाउंस पर 3000 रुपये तक की छूट मिलेगी, जबकि होस्टल अलाउंस की सीमा बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति छात्र कर दी गई है.
- UPI पेमेंट नियम सख्त
1 अप्रैल से UPI ट्रांजैक्शन के लिए सुरक्षा नियम और कड़े किए जा रहे हैं. अब सिर्फ OTP के आधार पर पेमेंट संभव नहीं होगा. हर ट्रांजैक्शन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा, जिसमें PIN, पासवर्ड या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन शामिल होगा. इस बदलाव का मकसद डिजिटल फ्रॉड को रोकना है, हालांकि इससे पेमेंट प्रक्रिया में थोड़ा समय बढ़ सकता है.
- PAN कार्ड से जुड़े नए नियम
अब बड़े लेनदेन में PAN देना अनिवार्य होगा. बैंक या पोस्ट ऑफिस में 10 लाख रुपये से अधिक जमा या निकासी पर PAN जरूरी रहेगा. इसके अलावा, 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले वाहन खरीदने, महंगे होटल खर्च और 20 लाख रुपये से अधिक के प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में भी PAN की जानकारी देनी होगी.
- शेयर मार्केट में टैक्स नियमों में बदलाव
1 अप्रैल से शेयर बाजार से जुड़े टैक्स नियमों में बदलाव लागू होंगे. इसमें STT और बायबैक से जुड़े प्रावधानों को अपडेट किया गया है, जिससे निवेशकों पर टैक्स का असर बदल सकता है.
ट्रेन टिकट कैंसिलेशन नियम अपडेट
- अब ट्रेन टिकट कैंसिल करने के नियम समय के अनुसार तय होंगे. यदि यात्री ट्रेन रवाना होने से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा.
- 72 से 24 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर करीब 25% तक की कटौती की जाएगी, जो तय चार्ज की सीमा के भीतर होगी.वहीं, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर लगभग 50% किराया काटा जाएगा.
- अगर कोई यात्री ट्रेन के रवाना होने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे किसी भी तरह का रिफंड नहीं मिलेगा.
- LPG कीमतों में बदलाव: कमर्शियल सिलिंडर महंगा, घरेलू के दाम स्थिर
हर महीने की तरह 1 अप्रैल को भी गैस सिलिंडर की कीमतों में संशोधन किया गया है. इस बार कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में करीब ₹195.50 की बढ़ोतरी की गई है, जबकि घरेलू सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
14 किलो घरेलू सिलिंडर के शहरवार रेट:
- लखनऊ – ₹950.50
- मेरठ – ₹910.50
- कानपुर – ₹928
- इलाहाबाद – ₹965.50
- वाराणसी – ₹976.50
- पटना – ₹1002.50
- रांची – ₹970.50
- दरभंगा – ₹1010
- मुजफ्फरपुर – ₹928
- दिल्ली – ₹913
- नोएडा – ₹910.50
- गाजियाबाद – ₹910.50
- चंडीगढ़ – ₹922.50
- शिमला – ₹958.50
- श्रीनगर – ₹1029
- भोपाल – ₹918.50
- इंदौर – ₹941
- जयपुर – ₹916.50
- रायपुर – ₹984
- मुंबई – ₹912.50
- कोलकाता – ₹939
- भुवनेश्वर – ₹939
- अहमदाबाद – ₹920
हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा की जाती है, हालांकि हर बार दरों में बदलाव नहीं होता.
- SGB निवेश पर टैक्स नियम अपडेट
अब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश पर टैक्स से जुड़े नियम बदले हैं. यदि कोई निवेशक मैच्योरिटी से पहले SGB बेचता है, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा. वहीं, जो निवेशक इसे पूरी अवधि तक होल्ड करते हैं, उन्हें टैक्स से राहत मिल सकती है.
