Palamu: पलामू में भाजपा युवा मोर्चा ने भाषा विवाद को लेकर प्रदर्शन किया. झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जे-टेट) से पलामू प्रमंडल की पहचान मानी जाने वाली मगही और भोजपुरी भाषाओं को हटाए जाने का विरोध किया. भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने राज्य सरकार के इस कदम को पलामू की भाषाई अस्मिता पर सीधा प्रहार बताया. विरोध के पहले चरण में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पलामू समाहरणालय के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर सरकारी आदेश की प्रतियां जलाई और इसका विरोध किया. बीजेपी जिला अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हेमंत सरकार ना केवल छात्रों के भविष्य का दोहन कर रही है, बल्कि राज्य में शैक्षणिक अराजकता का माहौल भी पैदा कर दिया है. वहीं बीजेपी युवा नेताओं ने कहा कि जब प्रदेश बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे समय में भाषा के नाम पर समाज को बांटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
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भाषा के आधार पर भेदभाव करना चिंताजनक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जे-टेट में मगही और भोजपुरी को तत्काल प्रभाव से शामिल किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि पलामू प्रमंडल की जनता अपनी भाषा के सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगी. भाषा के आधार पर भेदभाव करना चिंताजनक है और सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार कर पलामू की अस्मिता की रक्षा करनी चाहिए.
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