रांची नगर निगम का अल्टीमेटम: अवैध निर्माण, अतिक्रमण या भवन नियमों के उलंघन बर्दाश्त नहीं

रांची: शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए रांची नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है. प्रशासक के...

रांची: शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए रांची नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है. प्रशासक के निर्देश पर नगर निगम ने शहर में बड़े स्तर पर भवन जांच अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि शहर में बनने वाले सभी भवन स्वीकृत नक्शे और तय नियमों के अनुसार ही बने हों.

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब किसी भी तरह के अवैध निर्माण, अतिक्रमण या भवन नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

प्रमुख सड़कों पर हुई जांच

इसी कड़ी में नगर निगम की डेडिकेटेड रोड मैनेजमेंट टीम (DRMT) ने शहर की प्रमुख सड़कों पर स्थित कई व्यावसायिक और आवासीय भवनों का निरीक्षण किया. जांच मुख्य रूप से मेन रोड, एचबी रोड, सर्कुलर रोड और बिरसा चौक से हिनू चौक के बीच की गई.

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इन भवनों की हुई जांच

जांच के दौरान एचबी रोड पर आई केयर ऑप्टिकल शॉप भवन, तपुरा कॉम्प्लेक्स, डून डिकोर्स, ग्रेट ब्रिटेन बाफले भवन, यूनिवर्सल हेल्थ क्लब, न्यू दिल्ली स्वीट्स, होटल राज, श्री दुर्गा टावर, सुमित्रा कॉम्प्लेक्स, शिवांगी अपार्टमेंट, गणेश प्लाजा, होटल रॉयलसंस, होटल आर्या और मां तारा मिष्ठान भंडार सहित कई भवनों की जांच की गई.

सर्कुलर रोड पर इंडसइंड भवन, खादिम शोरूम, पासा हाउस, श्याम सुंदर चांदीवाला, रांची मटन ढाबा, पारिजात भवन और एसबीआई लालपुर की जांच की गई.

मेन रोड पर पंचरत्न गैलेरिया, होटल पर्ल, विशाल मेगा मार्ट भवन, होटल फाउंटेन, दिलखुश बार एंड रेस्टोरेंट, वैन ह्यूसेन शोरूम और वाल्कि स्ट्रीट भवन का निरीक्षण किया गया.

वहीं बिरसा चौक से हिनू चौक के बीच योगी सुपर मार्ट, बाबा गोविंद मार्केट, वी मार्ट, मारुति सुजुकी टू वैल्यू, मारुति सुजुकी नेक्सा, कमला स्वीट्स, स्वपन स्वीट्स, सरस्वती कॉम्प्लेक्स और श्रृष्टि हॉस्पिटल सहित कई भवनों की जांच की गई.

कई जगह मिली गड़बड़ियां

नगर निगम की जांच में कई भवनों में निर्माण संबंधी गड़बड़ियां और नियमों के संभावित उल्लंघन सामने आए हैं. इसके बाद भवन मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने भवन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तीन दिनों के भीतर नगर निगम में जमा करें.

नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई

नगर निगम ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय में दस्तावेज नहीं दिए गए या जांच में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित भवनों के खिलाफ झारखंड भवन उपविधि 2016 और अन्य कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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