Ranchi: भारत की जनगणना 2027 को लेकर रांची जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इसी के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना से जुड़े अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया. प्रशिक्षण 12 से 14 मार्च तक रांची समाहरणालय में आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत रांची के उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसके आंकड़ों के आधार पर सरकार योजनाएं और नीतियां बनाती है.

जनगणना की प्रक्रिया समझायी गयी
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया आसान तरीके से समझाई गई. उन्हें बताया गया कि मकानों की गिनती कैसे करनी है, जानकारी कैसे जुटानी है और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा कैसे अपलोड करना है. प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक केश्या नायक आर. और जिला नोडल अधिकारी संजीव कुमार मांझी ने अधिकारियों को मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के जरिए काम करने का तरीका समझाया. अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना 2027 दो चरणों में होगी. पहला चरण मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का होगा, जो अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा. वहीं दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में किया जाएगा.

पहली बार होगी डिजिटल जनगणना
इस बार की जनगणना खास होगी, क्योंकि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी. इसमें मोबाइल और टैबलेट के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा. साथ ही लोगों को खुद से ऑनलाइन जानकारी देने यानी स्व-गणना की सुविधा भी मिलेगी.

